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अमीना का लाल आया
आगया वोह नूर वाला, जिस की उची शान है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1.7K बार देखा गया
नूर वाला आया है नूर ले कर आया है
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record848 बार देखा गया
ये कहती थी घर घर में जा कर हलीमा
ये कहती थी घर घर में जा कर हलीमा <br>मेरे घर में ख़ैर-उल-वरा आ गए हैं
- 3 साल पहलेfiber_manual_record524 बार देखा गया
मरहबा या मुस्तफ़ा निसार तेरी चहल पहल पे हज़ारों ईदें रबी-उल-अव्वल
सिवाए इब्लिस के जहाँ में सभी तो ख़ुशियाँ मना रहे हैं
- 3 साल पहलेfiber_manual_record11.9K बार देखा गया
हम अपने नबी पाक से यूँ प्यार करेंगे
हर हाल में सरकार का मीलाद करेंगे
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1K बार देखा गया
मरहबा बोलो मरहबा
झूम कर बोलो मरहबा मरहबा
- 3 साल पहलेfiber_manual_record533 बार देखा गया
सल्ले-'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं
उठो, ऐ बे-सहारो ! सरकार आ रहे हैं, मौलूद की घड़ी है चलो आमिना के घर पर
- 3 साल पहलेfiber_manual_record2.9K बार देखा गया
बारहवींं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद
झंडे लगाओ, घर को सजाओ
- 3 साल पहलेfiber_manual_record624 बार देखा गया
वोही रब है जिसने तुझको हमा-तन करम बनाया
हमें भीख माँगने को तेरा आस्तान बताया
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1.2K बार देखा गया
उठा दो पर्दा, दिखा दो चेहरा कि नूरे-बारी हिज़ाब में है
ज़माना तारीक हो रहा है कि मेहर कब से नक़ाब में है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record272 बार देखा गया
उनकी महक ने दिल के ग़ुंचे खिला दिए हैं
जिस राह चल दिए हैं कूचे बसा दिए हैं
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1K बार देखा गया
क़ादरी आस्ताना सलामत रहे
मुस्तफ़ा का घराना सलामत रहे
- 3 साल पहलेfiber_manual_record793 बार देखा गया
ज़मीन फ़लक माह-ओ-अख़्तर हुसैन वाले हैं
ये क़ायनात के मंज़र हुसैन वाले हैं
- 3 साल पहलेfiber_manual_record196 बार देखा गया
मदीने में जो गुज़रा वो ज़माना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record668 बार देखा गया
कुछ करें अपने यार की बातें
कुछ दिल-ए दाग़दार की बातें
- 3 साल पहलेfiber_manual_record95 बार देखा गया
मैं क्या बताऊँ कि क्या मदीना है
बस मेरा मुद्दआ मदीना है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1.6K बार देखा गया
सबसे औला वो आला हमारा नबी (ﷺ)
सबसे बाला वो वाला हमारा नबी (ﷺ)
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1.4K बार देखा गया
तु कुजा मन कुजा, तु कुजा मन कुजा
तु अमीर-ए हरम, मैं फ़क़ीर-ए अजम
- 3 साल पहलेfiber_manual_record680 बार देखा गया
उनके अंदाज़-ए-करम उनपे आना दिल का
हाय वो वक़्त वो बातें वो ज़माना दिल का
- 3 साल पहलेfiber_manual_record398 बार देखा गया
मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे
बनके सरकार का मेहमान मदीने में रहे
- 3 साल पहलेfiber_manual_record1K बार देखा गया
शहर-ए-नबी तेरी गलियों का नक्शा ही कुछ ऐसा है
ख़ुल्द भी है मुश्ताक-ए-ज़ियारत रोज़ा ही कुछ ऐसा है
- 3 साल पहलेfiber_manual_record417 बार देखा गया
करे चारह साज़ी ज़ियारत किसी की
भरे ज़ख्म दिल के मलाहत किसी की
- 3 साल पहलेfiber_manual_record636 बार देखा गया
रंग-ए-चमन पसंद न फूलों की बू पसंद
सहरा-ए-तैबा है दिल-ए-बुलबुल को तू पसंद
- 3 साल पहलेfiber_manual_record607 बार देखा गया
दम-ए-इज़्तिराब मुझको जो खयाल-ए-यार आये
मेरे दिल में चैन आये, तो इसे क़रार आये
- 3 साल पहलेfiber_manual_record894 बार देखा गया
Ek mai hi nahi un par qurban zamana hai ...
Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai...
Jhula Jhulau Main Tujhe Jhula Jhulau...
Yeh Na Poocho Kidhar Ja Rahi Hun Aaj Main...
Ek mai hi nahi un par qurban zamana hai ...
Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai...