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मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे
बनके सरकार का मेहमान मदीने में रहे
- 2 साल पहलेfiber_manual_record678 बार देखा गया
शहर-ए-नबी तेरी गलियों का नक्शा ही कुछ ऐसा है
ख़ुल्द भी है मुश्ताक-ए-ज़ियारत रोज़ा ही कुछ ऐसा है
- 2 साल पहलेfiber_manual_record262 बार देखा गया
करे चारह साज़ी ज़ियारत किसी की
भरे ज़ख्म दिल के मलाहत किसी की
- 2 साल पहलेfiber_manual_record469 बार देखा गया
रंग-ए-चमन पसंद न फूलों की बू पसंद
सहरा-ए-तैबा है दिल-ए-बुलबुल को तू पसंद
- 2 साल पहलेfiber_manual_record552 बार देखा गया
दम-ए-इज़्तिराब मुझको जो खयाल-ए-यार आये
मेरे दिल में चैन आये, तो इसे क़रार आये
- 2 साल पहलेfiber_manual_record734 बार देखा गया
दर्द-ए-दिल कर मुझे अता या रब
दे मेरे दर्द की दवा या रब
- 2 साल पहलेfiber_manual_record289 बार देखा गया
दिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा हो
दिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा हो
- 2 साल पहलेfiber_manual_record462 बार देखा गया
तुम्हारा नाम मुसीबत में जब लिया होगा
हमारा बिगड़ा हुआ काम बन गया होगा
- 2 साल पहलेfiber_manual_record461 बार देखा गया
सर से पाँव तक हर अदा है लाजवाब
ख़ूबियों में नहीं तेरा जवाब
- 2 साल पहलेfiber_manual_record177 बार देखा गया
शहर-ए-गुलशन कौन देखे दश्त-ए-तईबा छोड़ कर
सुऐ जन्नत कौन जाए दर तुम्हारा छोड़ कर
- 2 साल पहलेfiber_manual_record362 बार देखा गया
बाग़ जन्नत के हैं बहरे मदहा ख्वान अहल-ए-बैत
तुम को मूज़्दा नार का, ऐ दुश्मनाने अहल-ए-बैत
- 2 साल पहलेfiber_manual_record538 बार देखा गया
बाग़-ए-जन्नत में निराली चमन आ रही है
बाग़-ए-जन्नत में निराली चमन आ रही है <br>क्या मदीने पे फ़िदा होकर बहार आई है
- 2 साल पहलेfiber_manual_record165 बार देखा गया
गुलशन-ए-आला-हज़रत की जो जान है
गुलशन-ए-आला-हज़रत की जो जान है <br>मेरे ताजुश्शरिया की क्या शान है
- 2 साल पहलेfiber_manual_record2.4K बार देखा गया
कुछ करें अपने यार की बातें
कुछ दिल-ए-दाग़दार की बातें
- 2 साल पहलेfiber_manual_record284 बार देखा गया
ज़िन्दगी ये नहीं है किसी के लिए
ज़िन्दगी है नबी की नबी के लिए
- 2 साल पहलेfiber_manual_record532 बार देखा गया
दाग़-ए-फ़ुर्क़त-ए-तैबा क़ल्ब मुज़म्हिल जाता
काश गुम्बद-ए-ख़ज़रा देखने को मिल जाता
- 2 साल पहलेfiber_manual_record449 बार देखा गया
मुनव्वर मेरी आँखों को मेरे शम्सुद्दुहा कर दे
जहाँ बानी अता कर दे भरी जन्नत हिबा कर दे
- 2 साल पहलेfiber_manual_record858 बार देखा गया
हर नज़र काँप उठेगी महशर के दिन ख़ौफ़ से हर कलेजा दहल जाएगा
जब इशारा करेंगे मेरे मुस्तफ़ा अपना बेड़ा भँवर से निकल जाएगा
- 2 साल पहलेfiber_manual_record431 बार देखा गया
फिर के गली-गली तबाह ठोकरें सबकी खाए क्यों
दिल को जो अक़्ल दे ख़ुदा, तेरी गली से जाएँ क्यों
- 2 साल पहलेfiber_manual_record702 बार देखा गया
बन्दा मिलने को क़रीब हज़रत-ए-क़ादिर गया
लम्हा-ए-बातिन में गुमने नूर-ए-जाहिर गया
- 2 साल पहलेfiber_manual_record180 बार देखा गया
उठा दो पर्दा दिखा दो चेहरा के नूर-ए-बारी हिजाब में है
ज़माना तारीक हो रहा है कि महर कब से नक़ाब में है
- 2 साल पहलेfiber_manual_record161 बार देखा गया
उनकी महक ने दिल के गुंचे खिला दिए हैं
जिस राह चल दिए हैं, कूचे बसा दिए हैं
- 2 साल पहलेfiber_manual_record111 बार देखा गया
नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी
- 2 साल पहलेfiber_manual_record696 बार देखा गया
बेख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ ऐ जलवा-ए-जानाना
- 2 साल पहलेfiber_manual_record432 बार देखा गया
Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai...
Jhula Jhulau Main Tujhe Jhula Jhulau...
Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai...
Yeh Na Poocho Kidhar Ja Rahi Hun Aaj Main...
Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai...
Hoti Hai Is Mahine Me Har Ek Dua Kabool Whats...