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नात के बोल (लीरिक्स)

नात के बोल (लीरिक्स)

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दर्द-ए-दिल कर मुझे अता या रब

दे मेरे दर्द की दवा या रब

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record697 बार देखा गया

दिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा हो

दिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा हो

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record867 बार देखा गया

तुम्हारा नाम मुसीबत में जब लिया होगा

हमारा बिगड़ा हुआ काम बन गया होगा

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record800 बार देखा गया

सर से पाँव तक हर अदा है लाजवाब

ख़ूबियों में नहीं तेरा जवाब

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record282 बार देखा गया

शहर-ए-गुलशन कौन देखे दश्त-ए-तईबा छोड़ कर

सुऐ जन्नत कौन जाए दर तुम्हारा छोड़ कर

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record485 बार देखा गया

बाग़ जन्नत के हैं बहरे मदहा ख्वान अहल-ए-बैत

तुम को मूज़्दा नार का, ऐ दुश्मनाने अहल-ए-बैत

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1.9K बार देखा गया

बाग़-ए-जन्नत में निराली चमन आ रही है

बाग़-ए-जन्नत में निराली चमन आ रही है <br>क्या मदीने पे फ़िदा होकर बहार आई है

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record201 बार देखा गया

गुलशन-ए-आला-हज़रत की जो जान है

गुलशन-ए-आला-हज़रत की जो जान है <br>मेरे ताजुश्शरिया की क्या शान है

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record3.1K बार देखा गया

कुछ करें अपने यार की बातें

कुछ दिल-ए-दाग़दार की बातें

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record324 बार देखा गया

ज़िन्दगी ये नहीं है किसी के लिए

ज़िन्दगी है नबी की नबी के लिए

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1.7K बार देखा गया

दाग़-ए-फ़ुर्क़त-ए-तैबा क़ल्ब मुज़म्हिल जाता

काश गुम्बद-ए-ख़ज़रा देखने को मिल जाता

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record882 बार देखा गया

मुनव्वर मेरी आँखों को मेरे शम्सुद्दुहा कर दे

जहाँ बानी अता कर दे भरी जन्नत हिबा कर दे

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record3K बार देखा गया

हर नज़र काँप उठेगी महशर के दिन ख़ौफ़ से हर कलेजा दहल जाएगा

जब इशारा करेंगे मेरे मुस्तफ़ा अपना बेड़ा भँवर से निकल जाएगा

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1K बार देखा गया

फिर के गली-गली तबाह ठोकरें सबकी खाए क्यों

दिल को जो अक़्ल दे ख़ुदा, तेरी गली से जाएँ क्यों

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1K बार देखा गया

बन्दा मिलने को क़रीब हज़रत-ए-क़ादिर गया

लम्हा-ए-बातिन में गुमने नूर-ए-जाहिर गया

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record274 बार देखा गया

उठा दो पर्दा दिखा दो चेहरा के नूर-ए-बारी हिजाब में है

ज़माना तारीक हो रहा है कि महर कब से नक़ाब में है

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record385 बार देखा गया

उनकी महक ने दिल के गुंचे खिला दिए हैं

जिस राह चल दिए हैं, कूचे बसा दिए हैं

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record118 बार देखा गया

नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं

बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record2K बार देखा गया

बेख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना

आ दिल में तुझे रख लूँ ऐ जलवा-ए-जानाना

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record511 बार देखा गया

Unki Ja Me Jam Aakhen Shisha Hai Badan Mera

Unki ja me jam aakhen shisha hai badan mera lyrics

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record140 बार देखा गया

होता अगर ज़मीन पर साया रसूल का

फिर पाँव उम्मती कहाँ रखता रसूल का

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1.2K बार देखा गया

एक मैं ही नहीं उन पर क़ुर्बान ज़माना है

जो रब्बे दो आलम का महबूब यगाना है

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record422 बार देखा गया

मुझ पे भी चश्म-ए-करम ऐ मेरे आका करना

हक़ तो मेरे भी है रहमत का तक़ाज़ा करना

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record1.4K बार देखा गया

आँखें रो रो के सूजाने वाले

जाने वाले नहीं आने वाल

  • 3 साल पहलेfiber_manual_record321 बार देखा गया
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