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नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं Lyrics In हिन्दी

(नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं, बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात

जोड़ा गया : 03 Aug, 2023 08:46 AM IST

बार देखा गया : 802

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

नाते सरकार की पढ़ता हूँ मैं,
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी,
एक तेरा नाम वसीला है मेरा,
रंज-ओ-ग़म में भी इसी नाम से राहत होगी।

ये सुना है कि बहुत गहरा अंधेरा होगा,
क़ब्र का ख़ौफ़ न रखना ऐ दिल,
वहाँ सरकार-ए-दो आलम की ज़ियारत होगी।

कभी यासीन, कभी ताहा, कभी वल्लैल आया,
जिसकी क़समे मेरा रब खाता है,
कितनी दिलकश मेरे महबूब की सूरत होगी।

हश्र का दिन भी अजब देखने वाला होगा,
ज़ुल्फ़ लहरा के वो जब आयेंगे,
फिर क़यामत पे भी एक और क़यामत होगी।

उनको मुख्तार बनाया है मेरे अल्लाह ने,
ख़ुल्द में बस वही जा सकता है,
जिसको हसनैन के नाना की इजाज़त होगी।

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण नात-ए-पाक हुज़ूर पैग़ंबर मुहम्मद ﷺ की महिमा, उनके नाम की बरकत और परलोक (क़ब्र और महशर) में उनकी शफ़ाअत (सहायता) पर अटूट विश्वास को दर्शाती है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि मैं अपने आक़ा ﷺ की नात पढ़ता हूँ और मुझे पूर्ण विश्वास है कि इसी भक्ति के कारण मेरे घर में ईश्वर की दया बरसेगी। शायर कहता है कि ऐ दिल! क़ब्र के घने अंधकार से बिल्कुल मत डरना, क्योंकि वहाँ दोनों जहानों के मालिक हुज़ूर ﷺ का पवित्र दीदार (ज़ियारत) नसीब होगा।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
वसीलामाध्यम / सहारा
रंज-ओ-ग़मदुःख और मुसीबत
सरकार-ए-दो आलमदोनों जहानों के राजा (हुज़ूर ﷺ)
ज़ियारतपवित्र दर्शन / दीदार
दिलकशमनमोहक / अत्यंत सुंदर
मुख्तारअधिकार रखने वाला / मालिक
ख़ुल्दस्वर्ग / जन्नत
हसनैन के नानाइमाम हसन और हुसैन के नाना (हुज़ूर ﷺ)

सारांश (Summary)

इस नात शरीफ़ का मुख्य सार यह है कि नबी ﷺ का नाम हर दुःख में राहत देने वाला है और उनका सौंदर्य ऐसा लाजवाब है जिसकी क़समें स्वयं ईश्वर ने क़ुरआन में खाई हैं। अल्लाह ने अपने महबूब को जन्नत और बख़्शिश का पूरा अधिकार (मुख्तार) दिया है, इसलिए न्याय के दिन (क़यामत) स्वर्ग में केवल वही प्रवेश कर सकेगा जिसे हसनैन के नाना ﷺ की अनुमति प्राप्त होगी।

लिरिक्स के मुताबिक, ख़ुल्द (जन्नत) में जाने के लिए किस की इजाज़त का होना ज़रूरी बताया गया है?

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