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नात के बोल (लीरिक्स)

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नबी को बुलाना फ़लक से भी ऊपर

ये मोहब्बत नहीं है तो फिर और क्या है

  • 10 घंटों पहलेfiber_manual_record41 बार देखा गया

आने वालो ये तो बताओ शहर-ए-मदीना कैसा है

देख के जिस को जी नहीं भरता शहर-ए-मदीना ऐसा है

  • 10 घंटों पहलेfiber_manual_record11 बार देखा गया

रुख़ दिन है या महर-ए-समा ये भी नहीं वो भी नहीं

शब ज़ुल्फ़ या मुश्क-ए-ख़ता ये भी नहीं वो भी नहीं

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record73 बार देखा गया

किस के जलवे की झलक है ये उजाला क्या है

हर तरफ़ दीदए-हैरत-ज़दा तकता क्या है

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record60 बार देखा गया

सुबह-ए-तैबा में हुई बटता है बड़ा नूर का

सदका लेने नूर का आया है तारा नूर का

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record388 बार देखा गया

हम को बुलाना या रसूल अल्लाह

हम को बुलाना या रसूल अल्लाह

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record81 बार देखा गया

चमका माह-ए-नूर का हिलाल

मरहबा मरहबा

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record142 बार देखा गया

ठंडी ठंडी हवा रहमतों की चली

बन के मौज-ए-करम मुस्तफ़ा आ गए

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record104 बार देखा गया

आज आए नबियों के सरदार मरहबा

मरहबा आए क़ाफ़िला-सालार मरहबा

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record69 बार देखा गया

सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है

आप आए तो ज़माने में बहार आई है

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record122 बार देखा गया

मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा

करबला में आया है फ़ातिमा का शहज़ादा

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record573 बार देखा गया

तैबा से फ़ातिमा के दुलारे निकल पड़े

जान-ए-अली नबी के नवासे निकल पड़े

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record213 बार देखा गया

जमाल-ए-गुम्बद-ए-ख़ज़रा कहाँ से लाओगे

नबी से फिर के उजाला कहाँ से लाओगे

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record359 बार देखा गया

जहाँ पर नबी का घराना लुटा है

अजब मोमिनो नक्शा-ए-कर्बला है

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record151 बार देखा गया

सदाए गुम्बद-ए-ख़ज़रा हुसैन जीत गए

मचल के कहता है काबा हुसैन जीत गए

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record180 बार देखा गया

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू

सहरा लहू लहू है, समंदर लहू लहू

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record110 बार देखा गया

लहू अपना बहाया करबला में

हुसैन इब्न-ए-अली ने करबला में

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record126 बार देखा गया

काश मैं दौर-ए-हुसैनी में आया होता

उनके मकसद के लिए जान को लुटाया होता

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record95 बार देखा गया

प्यासी है सकीना

ऐ बाद-ए-सबा जाके ये चाचा को बताना, प्यासी है सकीना

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record307 बार देखा गया

अंधेरी रात है ग़म की घटा असियाँ की काली है

दिल-ए-बेकस का इस आफ़त में आक़ा तू ही वाली है

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record191 बार देखा गया

मेरे आका मदीने बुला लीजिए

सहारा चाहिए सरकार ज़िंदगी के लिए

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record1.6K बार देखा गया

छोड़ फ़िक्र दुनिया की चल मदीने चलते हैं

मुस्तफ़ा ग़ुलामों की क़िस्मतें बदलते हैं

  • 5 महीने पहलेfiber_manual_record859 बार देखा गया

इतना मुझको ना रुलाओ अब बुलाओ या नबी

रोजा अपना तो दिखाओ अब बुलाओ या नबी

  • 5 महीने पहलेfiber_manual_record244 बार देखा गया

मरीज़-ए-ग़म को मिलेगी शिफ़ा मदीने से

हर एक दुख की मिलेगी दवा मदीने से

  • 6 महीने पहलेfiber_manual_record216 बार देखा गया
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