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नात के बोल (लीरिक्स)

नात के बोल (लीरिक्स)

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मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा

करबला में आया है फ़ातिमा का शहज़ादा

  • 2 दिनों पहलेfiber_manual_record95 बार देखा गया

तैबा से फ़ातिमा के दुलारे निकल पड़े

जान-ए-अली नबी के नवासे निकल पड़े

  • 2 दिनों पहलेfiber_manual_record52 बार देखा गया

जमाल-ए-गुम्बद-ए-ख़ज़रा कहाँ से लाओगे

नबी से फिर के उजाला कहाँ से लाओगे

  • 3 दिनों पहलेfiber_manual_record26 बार देखा गया

जहाँ पर नबी का घराना लुटा है

अजब मोमिनो नक्शा-ए-कर्बला है

  • 4 दिनों पहलेfiber_manual_record44 बार देखा गया

सदाए गुम्बद-ए-ख़ज़रा हुसैन जीत गए

मचल के कहता है काबा हुसैन जीत गए

  • 6 दिनों पहलेfiber_manual_record73 बार देखा गया

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू

सहरा लहू लहू है, समंदर लहू लहू

  • 6 दिनों पहलेfiber_manual_record47 बार देखा गया

लहू अपना बहाया करबला में

हुसैन इब्न-ए-अली ने करबला में

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record47 बार देखा गया

काश मैं दौर-ए-हुसैनी में आया होता

उनके मकसद के लिए जान को लुटाया होता

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record41 बार देखा गया

प्यासी है सकीना

ऐ बाद-ए-सबा जाके ये चाचा को बताना, प्यासी है सकीना

  • 1 सप्ताह पहलेfiber_manual_record64 बार देखा गया

अंधेरी रात है ग़म की घटा असियाँ की काली है

दिल-ए-बेकस का इस आफ़त में आक़ा तू ही वाली है

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record150 बार देखा गया

मेरे आका मदीने बुला लीजिए

सहारा चाहिए सरकार ज़िंदगी के लिए

  • 2 महीने पहलेfiber_manual_record376 बार देखा गया

छोड़ फ़िक्र दुनिया की चल मदीने चलते हैं

मुस्तफ़ा ग़ुलामों की क़िस्मतें बदलते हैं

  • 3 महीने पहलेfiber_manual_record356 बार देखा गया

इतना मुझको ना रुलाओ अब बुलाओ या नबी

रोजा अपना तो दिखाओ अब बुलाओ या नबी

  • 3 महीने पहलेfiber_manual_record181 बार देखा गया

मरीज़-ए-ग़म को मिलेगी शिफ़ा मदीने से

हर एक दुख की मिलेगी दवा मदीने से

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record176 बार देखा गया

क़ुर्बान मैं उनकी बख़्शिश के मक़सद भी ज़बाँ पर आया नहीं

बिन माँगे दिया और इतना दिया दामन में हमारे समाया नहीं

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record300 बार देखा गया

दो आलम के आका सलाम अलैकुम

नवीद-ए-मसीहा सलाम अलैकुम

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record392 बार देखा गया

दिल ठिकाना मेरे हुज़ूर का है

ये जल्वा-ख़ाना मेरे हुज़ूर का है

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record596 बार देखा गया

पयाम लाई है बाद-ए-सबा मदीने से

कि रहमतों की उठी है घटा मदीने से

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record158 बार देखा गया

अगर मैं अहद-ए-रिसालत-मआब में होता

ज़रूर हल्क़ा-ए-आली जनाब ﷺ में होता

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record80 बार देखा गया

बख़्श दे मुझ को ख़ुदाया

मौला मौला! मेरे मौला मौला!

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record79 बार देखा गया

बस रहा है नज़र में मदीना

दिल में अरमान है हाज़िरी के

  • 4 महीने पहलेfiber_manual_record2.8K बार देखा गया

पुल से उतारो रह-गुज़र को ख़बर न हो

जिब्रील पर बिछाये तो पर को ख़बर न हो

  • 6 महीने पहलेfiber_manual_record373 बार देखा गया

ग़म हो गये बेशुमार आका

बंदा तेरे निसार आका

  • 6 महीने पहलेfiber_manual_record135 बार देखा गया

भीनी सुहानी सुबह में ठंडक जिगर की है

कलियाँ खिली दिलों की हवा ये किधर की है

  • 6 महीने पहलेfiber_manual_record222 बार देखा गया
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