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देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू Lyrics In हिन्दी

(देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू, सहरा लहू लहू है, समंदर लहू लहू)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू

श्रेणी (कटेगरी) : मनकबत के बोल (लीरिक्स) मर्सिया/नोहा नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : अकरम रज़ा शाहिदी

नातख्वान/कलाकार: अकरम रज़ा शाहिदी

जोड़ा गया : 18 Jun, 2026 06:52 AM IST

बार देखा गया : 5

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू,
सहरा लहू लहू है, समंदर लहू लहू।

अब्दी हयात दे गया गुलज़ार-ए-दीन को,
हैदर व फ़ातिमा का गुलेतर लहू लहू।

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू,
देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू।

उनकी कोई मिसाल न उनका कोई जवाब,
कर्ब-ओ-बला में थे जो बहत्तर लहू लहू।

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू,
देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू।

कुर्बानियों के रंग की ऐसी नहीं मिसाल,
शब्बीर सुर्ख सब्ज़ है, शब्बर लहू लहू।

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू,
देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू।

अकरम रज़ा! तू पूछ ये आली मक़ाम से,
जिस वक़्त था आगोश में असग़र लहू लहू।

देखा है करबला का जो मंज़र लहू लहू,
सहरा लहू लहू है, समंदर लहू लहू।

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह करबला के खूनी मंज़र, इमाम हुसैन और उनके 72 जाँबाज़ साथियों की अज़ीम क़ुर्बानी का बयान है, जिसमें दीन-ए-इस्लाम को ज़िंदा रखने के लिए उनके बहाए गए पाक खून का ज़िक्र किया गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इस कलाम का मतलब है कि करबला का पूरा मंज़र खून से डूबा हुआ था, जहाँ ज़मीन से लेकर समंदर तक सब सुर्ख (लाल) था। शायर कहता है कि हज़रत अली और बीबी फ़ातिमा के प्यारे लाडले (इमाम हुसैन) ने अपना पाक खून देकर इस्लाम के बाग़ को हमेशा की ज़िंदगी अता कर दी, और उनके 6 महीने के मासूम बेटे अली असग़र की शहादत ने इस सब्र को क़यामत तक के लिए अमर बना दिया।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
मंज़रनज़ारा / दृश्य (Scene)
लहू लहूखून से लथपथ (Drenched in blood)
अब्दी हयातअमर जीवन / हमेशा की ज़िंदगी (Eternal life)
गुलज़ार-ए-दीनइस्लाम का बाग़ (Garden of Islam)
गुलेतरताज़ा फूल (Fresh flower - इशारा इमाम हुसैन की तरफ़)
बहत्तर72 (करबला के 72 शहीद)
शब्बीरहज़रत इमाम हुसैन का पाक नाम
शब्बरहज़रत इमाम हसन का पाक नाम
आगोशगोद (Lap)

सारांश (Summary)

करबला के मैदान में हक़ के लिए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने जो बेमिसाल क़ुर्बानी दी, उसकी दुनिया में कोई दूसरी मिसाल नहीं मिलती। शायर 'अकरम रज़ा' कहते हैं कि उस दर्दनाक वक़्त की इंतहा तब हुई जब मासूम अली असग़र अपने वालिद की गोद में खून से लथपथ हो गए, लेकिन इस बेज़ुबान क़ुर्बानी ने इस्लाम के चमन को हमेशा के लिए हरा-भरा कर दिया।

करबला में इस्लाम के बाग़ (गुज़ार-ए-दीन) को हमेशा की ज़िंदगी (अब्दी हयात) देने के लिए "हैदर-व-फ़ातिमा" के किस प्यारे लाडले ने अपनी और अपने 6 महीने के मासूम बेटे की क़ुर्बानी दी?

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