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कुछ करें अपने यार की बातें Lyrics In हिन्दी

(कुछ करें अपने यार की बातें, कुछ दिल-ए दाग़दार की बातें)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : कुछ करें अपने यार की बातें

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : अख्तर रज़ा खान अज़हरी

नातख्वान/कलाकार: ओवैस रज़ा कादरी

जोड़ा गया : 08 Aug, 2023 02:02 PM IST

बार देखा गया : 75

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

कुछ करें अपने यार की बातें,
कुछ दिल-ए दाग़दार की बातें

हम तो दिल अपना दे ही बैठे हैं,
अब ये क्या इख़्तियार की बातें

मैं भी गुज़रा हूँ दौर-ए उल्फ़त से,
मत सुना मुझको प्यार की बातें

अहल-ए दिल ही यहाँ नहीं कोई,
क्या करें हाल-ए ज़ार की बातें

पी के जाम-ए मुहब्बत-ए जानाना,
अल्लाह-अल्लाह ख़ुमार की बातें

मरना जाना मत्ता-ए दुनिया पर,
सुन के तू मालदार की बातें

यूँ न होते असीर-ए ज़िल्लत तुम,
सुनते गर होशियार की बातें

हर घड़ी वज़्द में रहे अख्तर,
कीजिए उस दयार की बातें

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह कलाम आशिक़ी की हक़ीक़त, दिल की बेबसी और इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ में डूबे हुए इंसान के रूहानी जज़बात का बहुत ही सादा और असरदार बयान है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इस कलाम का अर्थ है कि जब इंसान अपना दिल अपने महबूब (हुज़ूर ﷺ) को सौंप देता है, तो उसका अपने दिल पर कोई इख़्तियार (क़ाबू) नहीं रह जाता। शायर कहता है कि दुनिया की फ़ानी दौलत और मालदारों की बातों पर जान छिड़कने के बजाय महबूब की मोहब्बत का जाम पीना चाहिए, जिससे रूह को असली सुरूर हासिल होता है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Hindi / English Meaning)
दिल-ए-दाग़दारज़ख़्मी दिल / इश्क़ का सताया दिल (Wounded heart)
इख़्तियारक़ाबू, वश या अधिकार (Control / Authority)
दौर-ए-उल्फ़तमोहब्बत का ज़माना (Era of love)
अहल-ए-दिलदिल वाले / रूहानी समझ रखने वाले (People of heart)
हाल-ए-ज़ारदर्द भरी या ख़राब हालत (Miserable condition)
जानानामहबूब / प्यारा (Beloved)
ख़ुमारनशा या सुरूर (Intoxication / Spiritual high)
मत्ता-ए-दुनियादुनिया की दौलत व सामान (Wealth of the world)
असीर-ए-ज़िल्लतरुसवाई या ज़िल्लत का क़ैदी (Prisoner of humiliation)
वज़्दरूहानी मस्ती या जूनून (Ecstasy / Trance)
दयारइलाक़ा या शहर — यहाँ मुराद मदीना शरीफ़ है (Abode / Land)

सारांश (Summary)

दुनियावी सुख-सुविधाओं और धन-दौलत के पीछे भागने से इंसान केवल रुसवाई और मानसिक तनाव का ही क़ैदी बनता है। शायर 'अख़्तर' फ़रमाते हैं कि अगर जीवन के हर पल में सच्चा रूहानी सुकून और आनंद (वज़्द) चाहिए, तो दुनिया की बेकार बातें छोड़कर मदीने वाले आक़ा के पाक दयार (शहर) की बातें कीजिए और उन्हीं के इश्क़ में डूबे रहिए।

 

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