मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : कुछ करें अपने यार की बातें
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : अख्तर रज़ा खान अज़हरी
नातख्वान/कलाकार: ओवैस रज़ा कादरी
जोड़ा गया : 08 Aug, 2023 02:02 PM IST
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कुछ करें अपने यार की बातें,
कुछ दिल-ए दाग़दार की बातें
हम तो दिल अपना दे ही बैठे हैं,
अब ये क्या इख़्तियार की बातें
मैं भी गुज़रा हूँ दौर-ए उल्फ़त से,
मत सुना मुझको प्यार की बातें
अहल-ए दिल ही यहाँ नहीं कोई,
क्या करें हाल-ए ज़ार की बातें
पी के जाम-ए मुहब्बत-ए जानाना,
अल्लाह-अल्लाह ख़ुमार की बातें
मरना जाना मत्ता-ए दुनिया पर,
सुन के तू मालदार की बातें
यूँ न होते असीर-ए ज़िल्लत तुम,
सुनते गर होशियार की बातें
हर घड़ी वज़्द में रहे अख्तर,
कीजिए उस दयार की बातें
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यह कलाम आशिक़ी की हक़ीक़त, दिल की बेबसी और इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ में डूबे हुए इंसान के रूहानी जज़बात का बहुत ही सादा और असरदार बयान है।
इस कलाम का अर्थ है कि जब इंसान अपना दिल अपने महबूब (हुज़ूर ﷺ) को सौंप देता है, तो उसका अपने दिल पर कोई इख़्तियार (क़ाबू) नहीं रह जाता। शायर कहता है कि दुनिया की फ़ानी दौलत और मालदारों की बातों पर जान छिड़कने के बजाय महबूब की मोहब्बत का जाम पीना चाहिए, जिससे रूह को असली सुरूर हासिल होता है।
| शब्द (Word) | अर्थ (Hindi / English Meaning) |
|---|---|
| दिल-ए-दाग़दार | ज़ख़्मी दिल / इश्क़ का सताया दिल (Wounded heart) |
| इख़्तियार | क़ाबू, वश या अधिकार (Control / Authority) |
| दौर-ए-उल्फ़त | मोहब्बत का ज़माना (Era of love) |
| अहल-ए-दिल | दिल वाले / रूहानी समझ रखने वाले (People of heart) |
| हाल-ए-ज़ार | दर्द भरी या ख़राब हालत (Miserable condition) |
| जानाना | महबूब / प्यारा (Beloved) |
| ख़ुमार | नशा या सुरूर (Intoxication / Spiritual high) |
| मत्ता-ए-दुनिया | दुनिया की दौलत व सामान (Wealth of the world) |
| असीर-ए-ज़िल्लत | रुसवाई या ज़िल्लत का क़ैदी (Prisoner of humiliation) |
| वज़्द | रूहानी मस्ती या जूनून (Ecstasy / Trance) |
| दयार | इलाक़ा या शहर — यहाँ मुराद मदीना शरीफ़ है (Abode / Land) |
दुनियावी सुख-सुविधाओं और धन-दौलत के पीछे भागने से इंसान केवल रुसवाई और मानसिक तनाव का ही क़ैदी बनता है। शायर 'अख़्तर' फ़रमाते हैं कि अगर जीवन के हर पल में सच्चा रूहानी सुकून और आनंद (वज़्द) चाहिए, तो दुनिया की बेकार बातें छोड़कर मदीने वाले आक़ा के पाक दयार (शहर) की बातें कीजिए और उन्हीं के इश्क़ में डूबे रहिए।