search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे Lyrics In हिन्दी

(मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे, बनके सरकार का मेहमान मदीने में रहे)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात

जोड़ा गया : 08 Aug, 2023 12:35 PM IST

बार देखा गया : 826

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

मदीना मदीना, मदीना मदीना,
मदीना मदीना, मदीना मदीना

बड़ी दूर मदीना तोरा,
यहाँ जिया न लगे मोरा,
बैठा हूँ मैं आस लगाए,
मोरी किस दिन होगी हाज़िरी,
मोरा जीवन बिता जाए

मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे,
बनके सरकार का मेहमान मदीने में रहे

याद आती है मुझे अहल-ए-मदीना की वो बात,
ज़िंदा रहना हो तो इंसान मदीने में रहे

बड़ी दूर मदीना तोरा,
यहाँ जिया न लगे मोरा

यूं अदा करते हैं अश्शाक मोहब्बत की नमाज़,
सज्दा काबे में हो और ध्यान मदीने में रहे

मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे

उनकी शफ़क़त ग़म-ए-कौनैन भुला देती है,
जितने दिन आप का मेहमान मदीने में रहे

बड़ी दूर मदीना तोरा,
यहाँ जिया न लगे मोरा

दूर रहकर भी उठाता हूँ हुज़ूरी के मज़े,
मैं यहाँ और मेरी जान मदीने में रहे

मुझ ख़ताकार सा इंसान मदीने में रहे

छोड़ आया हूँ दिलो-जान ये कहकर आज़म,
आ रहा हूँ मेरा सामान मदीने में रहे

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह पावन नात-ए-पाक एक आशिक़-ए-रसूल के दिल की तड़प, मदीना मुनव्वरा की दूरी के दर्द और वहाँ हाज़िर होने की उसकी गहरी रूहानी ख़्वाहिश का एक बेहद भावुक और सुंदर चित्रण है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इस कलाम का अर्थ है कि मदीना शरीफ़ बहुत दूर है जिसके कारण आशिक़ का दिल इस मतलबी दुनिया में नहीं लगता और वह दिन-रात सरकार ﷺ का मेहमान बनने की आस लगाए बैठा है। शायर कहता है कि सच्चे प्रेमी (उश्शाक़) अपनी भक्ति की नमाज़ इस तरह पढ़ते हैं कि उनका शरीर भले ही काबा शरीफ़ में हो, मगर उनका पूरा ध्यान और रूह मदीना मुनव्वरा में टिकी होती है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Hindi / English Meaning)
जिया / मोरादिल या मन / मेरा (Heart / My)
हाज़िरीदरबार में उपस्थित होना (Presence / Attendance)
ख़ताकारपापी या गुनहगार (Sinner / Faulty)
अहल-ए-मदीनामदीना के रहने वाले लोग (People of Madina)
उश्शाक़प्रेमीगण — आशिक़ शब्द का बहुवचन (Lovers)
शफ़क़तदया, कृपा या ममता (Kindness / Affection)
ग़म-ए-कौनैनदोनों जहानों के दुःख-दर्द (Sorrows of both worlds)
हुज़ूरीसामने उपस्थित होने का आनंद (Being in presence)

सारांश (Summary)

मदीना वह मुक़द्दस मुक़ाम है जहाँ हुज़ूर ﷺ की शफ़क़त इंसान को दुनिया और आख़िरत के सारे ग़म भुला देती है। शायर 'आज़म' फ़रमाते हैं कि एक सच्चे प्रेमी का वजूद दुनिया में कहीं भी रहे, मगर उसकी आत्मा हमेशा मदीने की गलियों में ही बसी रहती है, क्योंकि मदीने से दूर रहकर जीना असल में जीना ही नहीं है।

इस नात के मुताबिक, उश्शाक़ (आशिक़ों) की मोहब्बत की नमाज़ कैसी होती है और उनका ध्यान कहाँ रहता है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें