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उनके अंदाज़ ए करम उनपे आना दिल का Lyrics In हिन्दी

(उनके अंदाज़-ए-करम उनपे आना दिल का, हाय वो वक़्त वो बातें वो ज़माना दिल का)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : उनके अंदाज़-ए-करम उनपे आना दिल का

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: नुसरत फ़तेह अली खान

जोड़ा गया : 08 Aug, 2023 12:39 PM IST

बार देखा गया : 347

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

उनके अंदाज़-ए-करम उनपे आना दिल का,
हाय वो वक़्त वो बातें वो ज़माना दिल का

मुझे याद है ज़रा ज़रा,
उन्हें याद हो के न याद हो

हाय वो वक़्त वो बातें वो ज़माना दिल का

ना सुना उसने तवज्जो से फ़साना दिल का,
उमर गुज़री है मगर दर्द न जाना दिल का

दिललगी दिल की लगी बन के मिटा देती है,
दिल जलवों से दिललगी अच्छी नहीं,
रोने वालों से हसीं अच्छी नहीं

दिललगी दिल की लगी बन के मिटा देती है,
दिल लगा कर पता चला दिल को आशिकी दिललगी नहीं होती

दिललगी दिल की लगी बन के मिटा देती है,
क्या ख़बर थी कि इश्क़ के हाथों ऐसी हालत तबाह होती है,
बात करता हूँ दम उलझता है,
सांस लूँ तो आह होती है

दिललगी दिल की लगी…

ज़ख्म पे ज़ख्म खा के जी,
अपने लहू के घूँट पी,
आह न कर लबों को सी,
इश्क़ है दिललगी नहीं

दिललगी दिल की लगी बन के मिटा देती है,
रोग दुश्मन को भी या रब न लगाना दिल का

वो भी अपने न हुए दिल भी हाथों से गया,
ऐसे आने से तो बेहतर है न आना दिल का

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह मशहूर ग़ज़ल (क़व्वाली के रूप में नुसरत फ़तेह अली ख़ान साहब की आवाज़ में अमर) मोहब्बत की बेबसी, उसके दर्द की शिद्दत और दिल टूटने के अहसास का एक बेहद दर्दनाक और ख़ूबसूरत बयान है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इस कलाम का अर्थ है कि जिसे इंसान शुरुआत में महज़ 'दिललगी' (मनोरंजन या मज़ाक) समझता है, वह कब 'दिल की लगी' (गहरा और सच्चा इश्क़) बनकर इंसान का वजूद मिटा देती है, पता ही नहीं चलता। शायर कहता है कि इश्क़ में ऐसी बेबसी और तबाही आती है कि हर सांस के साथ आह निकलती है, महबूब कभी फ़साने को ध्यान से नहीं सुनता और अंत में इंसान महबूब को भी खो देता है और अपना दिल भी हार बैठता है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Hindi / English Meaning)
अंदाज़-ए-करममेहरबानी या नवाज़िश का तरीक़ा (Style of kindness)
तवज्जोध्यान या ग़ौर करना (Attention / Focus)
फ़सानाकहानी या दास्तान (Story / Tale)
दिललगीमज़ाक, दिल्लगी या मन बहलाव (Jest / Joke)
दिल की लगीसच्चा इश्क़ या तड़प (True Love / Passion)
तबाहबर्बाद या नष्ट होना (Ruined / Destroyed)
लहूख़ून या रक्त (Blood)
सीसिल लेना या ख़ामोश हो जाना (Stitch / Close)
रोगबीमारी या कष्ट (Illness / Affliction)

सारांश (Summary)

मोहब्बत कोई खेल या खिलौना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कठिन रास्ता है जहाँ आशिक़ को ज़ख़्म पर ज़ख़्म खाकर भी ख़ामोश रहना पड़ता है और अपने ही ख़ून के घूँट पीने पड़ते हैं। महबूब की बेरुख़ी और इस रूहानी तकलीफ़ को देखकर शायर ईश्वर से दुआ करता है कि यह इश्क़ का ख़तरनाक 'रोग' भगवान कभी उसके दुश्मन को भी न लगाए, क्योंकि इस राह में इंसान सब कुछ हारकर तबाह हो जाता है।

इस कलाम के मुताबिक, शायर ने किस चीज़ को दुश्मन के लिए भी न माँगने की दुआ की है?

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