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बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे Lyrics In हिन्दी

(बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे, मेरे दिल को किसी काबिल बना दे)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

श्रेणी (कटेगरी) : हम्द के बोल (लीरिक्स) नात के बोल (लीरिक्स) नज़्म के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : कारी अहसन मोहसिन

नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात

जोड़ा गया : 14 Feb, 2024 08:21 AM IST

बार देखा गया : 620

Time to read: 3 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे,
मेरे दिल को किसी काबिल बना दे

इसे दुनिया ने घेरा है खुदाया,
तू अपने ज़िक्र का साहील बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

फंसा है डाल-डाल-ए-इस्या के अंदर,
तू अब तूफ़ान को साहिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

हुआ है नफ़्से अम्मारा के ताबए,
तू इत्मीनान का हामिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

मैं हर शैह में तुझे महसूस कर लूँ,
तू ऐसी आँख, ऐसा दिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

गुनाहगारी में कब तक दिन बिताए,
खुदाया अब हमें क़ाबिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
मेरे दिल को किसी काबिल बना दे

मैं महरूम-ए-बसरत हूँ खुदाया,
बशीरात-ए-जलवा-ए-मंज़िल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

रसूल अल्लाह (स.अ.) के सदके में या रब,
हमें फिरदौस के क़ाबिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

जो तेरी ज़ात का मकान हो मौला,
दिल-ए-मोहसिन को ऐसा दिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
मेरे दिल को किसी काबिल बना दे

बफ़ज़ हज़रत उस्मान साहिब,
भरी महफ़िल को अहले दिल बना दे

रहे जो ज़िक्र से हर दम मुनव्वर,
खुदाया ऐसा मेरा दिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

अता कर आँख मुझ को रोने वाली,
इसी कोई ज़ीस्त का हासिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

वसीला हज़रत-ए-रशीद उल हक़ का,
तू इस मजरूब को क़ाबिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

हमें जो इल्म की दौलत अता की,
तू अपने फ़ज़ल से आमिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
बहुत बिगड़ा है मेरा दिल बना दे

जो तेरी ज़ात का मकान हो मौला,
दिल-ए-मोहसिन को ऐसा दिल बना दे

बना दे मौला मेरा दिल बना दे,
मेरे दिल को किसी काबिल बना दे

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह कलाम एक भावपूर्ण प्रार्थना (दुआ) है, जिसमें एक भक्त अपने भटकते हुए मन को सुधारने और उसे ईश्वर की भक्ति के योग्य बनाने के लिए विनम्र निवेदन कर रहा है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि मनुष्य का दिल दुनिया की मोह-माया और बुराइयों में फँसकर अपनी पवित्रता खो चुका है। शायर खुदा से इल्तिज़ा करता है कि उसे 'नफ़्से अम्मारा' (बुराई पर उकसाने वाले मन) से आज़ादी मिले और उसका दिल ऐसा बन जाए जहाँ केवल ईश्वर का वास हो और वह हर चीज़ में अपने रब्ब को महसूस कर सके।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
नफ़्से अम्मारावह मन जो बुराई की ओर ले जाए
इस्यागुनाह या पाप
हामिलधारण करने वाला (रखने वाला)
महरूम-ए-बसरतदृष्टि से वंचित (अंधा)
बसीरतअंतर्दृष्टि या रूहानी समझ
मस्कन/मकानरहने की जगह (ठिकाना)
मुनव्वररोशन या प्रकाशमान
ज़ीस्तजीवन या ज़िंदगी
आमिलज्ञान पर अमल करने वाला

सारांश (Summary)

इस कलाम का सार यह है कि कवि अपने गुनाहों और दिल की गंदगी पर शर्मिंदा है। वह अल्लाह से प्रार्थना करता है कि उसका दिल साफ़ हो जाए, उसे ऐसी आँखें मिलें जो सिर्फ सच देखें और ऐसा दिल मिले जो हर पल अल्लाह के ज़िक्र से रोशन रहे। अंत में, वह पैगंबर मुहम्मद ﷺ के सदके में जन्नत (फिरदौस) और सच्चे ज्ञान की प्राप्ति की कामना करता है।

शायर ने "ऐसी आँख और ऐसा दिल" क्यों माँगा है और वो हर चीज़ में किसे महसूस करना चाहता है?

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