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आक़ा ले लो सलाम अब हमारा Lyrics In हिन्दी

(आक़ा ले लो सलाम अब हमारा, सबा तू मदीने जा के कहना खुदारा)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स) सलात ओ सलाम के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 09 Apr, 2023 08:52 AM IST

बार देखा गया : 1.4K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

अस्सलाम अलैका या रसूल अल्लाह
अस्सलाम अलैका या हबीबल्लाह

सलाम उस पर के जिस ने बेकशों की दस्तगिरी की,
सलाम उस पर के जिस ने बादशाही में फकीरी की,
सलाम उस पर के जिस के पास ना चांदी थी न सोना था,
सलाम उस पर के टूटा बोरिया जिसका बिछौना था

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा,
सबा तू मदीने जा के कहना खुदारा,
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

गम से हैं टूटे हुए, ज़ुल्मों से लूटे हुए,
मुद्दत हुए या नबी, किस्मत को रूठे हुए,
रौज़े महशर उम्मती का आप ही सहारा

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

चंद के टुकड़े किये, पेड़ों ने सजदे किये,
सूरज पलट आगया, यह मौज़्ज़े आपके,
ऊममाती क्या खुद खुदा हैं शैदा तुम्हारा

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

नूरे खुदा आप है, शाहे खुद आप है,
ऐसे बने अंबिया, बहरे सखा आप है,
यह है अज़मत रब ने तुम पे कुरान उतारा

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा  

दिन रात रोटी है यह, उम्मत तुम्हारे लिये,
हो जाये नज़रे करम, आक़ा हमारे लिये,
तैबा की उन गलियों का कब होगा नज़ारा

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

सब अंबिया के इमाम, तुम पर हो लाखों सलाम,
रौज़े पे आए मजीद, कहता है यह सुबहो शाम,
ज़िंदगी में आस का ना टूटे सितारा

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा,
सबा तू मदीने जा के कहना खुदारा,
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह सलाम-ओ-नात हुज़ूर ﷺ की सादगी, उनकी महानता और दुख-दर्द के मारे उम्मती की भावपूर्ण फ़रियाद का सुंदर वर्णन है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ की चौखट पर बेहद अदब के साथ दुरूद-ओ-सलाम का नज़राना पेश किया गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि हम उस पाकीज़ा ज़ात पर सलाम भेजते हैं जिन्होंने बादशाहत के बावजूद फ़कीरी (अत्यंत सादगी) की ज़िंदगी गुज़ारी और जिनका बिछौना एक टूटा हुआ बोरिया था। शायर सुबह की ठंडी हवा (सबा) से मिन्नत करता है कि वह मदीने जाकर आक़ा ﷺ तक यह पैग़ाम पहुँचाए कि किस्मत की सताई हुई उम्मत को महशर (कयामत) के दिन सिर्फ़ उन्हीं का सहारा है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (Meaning)
दस्तगिरीमदद करना / बेसहारा को सहारा देना
बिछौनाबिस्तर / आसन
सबासुबह की ठंडी और मंद हवा
खुदाराख़ुदा के लिए / ईश्वर के वास्ते
रौज़े महशरकयामत का दिन / न्याय का दिन
मौज़्ज़े (मोज़िज़े)चमत्कार (अलौकिक घटनाएँ)
शैदादीवाना / अत्यधिक प्रेम करने वाला
बहरे सखाउदारता/दानशीलता का समंदर

सारांश (Summary)

इस कलाम में नबी ﷺ के चमत्कारों जैसे चाँद के दो टुकड़े करने और डूबे हुए सूरज को वापस पलटने का ज़िक्र किया गया है। शायर 'मजीद' कहते हैं कि समस्त नबियों के इमाम (हुज़ूर ﷺ) की एक नज़र-ए-करम के लिए पूरी उम्मत व्याकुल है। एक मोमिन सुबह-शाम बस यही दुआ करता है कि उसकी उम्मीद का सितारा कभी न टूटे और जीते-जी उसे तैबा (मदीने) की पाक गलियों का दीदार नसीब हो जाए।

शायर के मुताबिक हुज़ूर ﷺ ने बादशाही में क्या किया, और उनके किस मोज़िज़े (चमत्कार) का ज़िक्र इस कलाम में आया है?

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