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सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है Lyrics In हिन्दी

(सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है, आप आए तो ज़माने में बहार आई है)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स) नज़्म के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 16 Aug, 2026 04:36 PM IST

बार देखा गया : 12

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है,
आप आए तो ज़माने में बहार आई है।

खुशबू बन के जो मेरे दिल में उतर आई है,
वो तेरी याद है, अब रूह समझ पाई है।

रूह जब वादी-ए-पुर्दर्द में घबराई है,
उम्मती, उम्मती आका की सदा आई है।

आँख के तिल में है महफ़ूज़ जमाल-ए-ख़ज़रा,
जैसे जन्नत मेरी नज़रों में सिमट आई है।

ज़ात-ए-सरकार है नूरानी सहीफ़ों की दलील,
यानी क़ुरआन से पहले ये किताब आई है।

हर जगह मेरे लिए सब ने बिछाई आँखें,
हर जगह तेरी ही निस्बत मेरे काम आई है।

कोई मुश्किल हो, कोई ग़म हो, करो ज़िक्र-ए-हबीब,
ये दवा वो है जो हर दौर में काम आई है।

मरने वाले की खुली आँख खुली रहने दो,
वो नज़र जलवा-ए-आका की तमन्नाई है।

जब तबीयत ग़म-ए-तन्हाई से घबराई है,
हम तेरे साथ हैं, ये उनकी सदा आई है।

सारी दुनिया की निगाहों से गिरा है बेदम,
तब कहीं जा के तेरे दिल में जगह पाई है।

सारे आलम में मोहब्बत की घटा छाई है,
आप आए तो ज़माने में बहार आई है।

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह नात हुज़ूर ﷺ की बेपनाह मोहब्बत, उनकी याद के सुकून और उनके रूहानी फ़ैज़ का बयान है, जिसमें बताया गया है कि हर मुश्किल का हल और रूह को चैन सिर्फ नबी ﷺ के ज़िक्र में ही मिलता है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का मतलब है कि पूरी कायनात पर हुज़ूर ﷺ की रहमत और मोहब्बत छा गई है। जब भी रूह दर्द और तन्हाई से घबराती है, तो आका ﷺ की 'उम्मती-उम्मती' पुकार उसे ढांढस बंधाती है और हर मुश्किल में उनका ज़िक्र ही सबसे बड़ी दवा है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

Word (शब्द)Meaning (अर्थ)
आलम (Aalam)संसार / दुनिया (World)
जमाल-ए-ख़ज़रा (Jamaal-E-Khazra)गुंबद-ए-खज़रा (मदीना) की खूबसूरती / Noor of Green Dome
निस्बत (Nisbat)रिश्ता या संबंध / Connection
ज़िक्र-ए-हबीब (Zikr-E-Habeeb)प्यारे (नबी) का ज़िक्र / Remembrance of the Beloved
तमन्नाई (Tamannaai)चाहने वाला या आरज़ू रखने वाला / Seeker or Lover

सारांश (Summary)

यह नात नबी-ए-करीम ﷺ से दिली मोहब्बत और उनकी nisbat (रिश्ते) की अहमियत को दर्शाती है। शायर कहता है कि ज़िंदगी के हर गम और परेशानी में सरकार ﷺ का ज़िक्र ही एकमात्र अचूक दवा है, और जब इंसान दुनिया की नजरों में गिरकर उनके दर पर झुकता है, तब जाकर उसके दिल को असल सुकून और मकाम हासिल होता है।

इस नात के मुताबिक, हर मुश्किल और ग़म को दूर करने के लिए कौन सा बेहतरीन नुस्खा (दवा) बताया गया है?

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