Yeh Na Poocho Kidhar Ja Rahi Hun Aaj Main...
calendar_month08 Sep, 2023 visibility
ऐसे गए के सबको रूला कर चले गए
देखो करके सफ़र जा रही हूँ आज मैं अपने घर जा रही हूं
जिसके कदमों तले है ज़माना वो है मौला अली का घराना
तेरी चादर के टुकड़े बहत्तर हुए उन बहत्तर का एहसान इस्लाम पर
अहमद राज़ा की हवेली चलिये शहरे बरेली
वो इमाम इश्क़-ओ-मोहब्बत है बरेली का रज़ा
माँ तो माँ है माँ का हम पर कितना बड़ा एहसान तेरी माँ न रूठे कभी तेरी माँ ना रूठे