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बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का Lyrics In हिन्दी

(बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का, मुझे भाता है नाना हुसैन का)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का

श्रेणी (कटेगरी) : मनकबत के बोल (लीरिक्स) नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 22 Mar, 2023 06:59 AM IST

बार देखा गया : 496

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

जिनकी शान निराली, जिनकी ज़ुल्फें काली काली,
बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का,
कोई किसी का दीवाना, कोई किसी का दीवाना,
मुझे भाता है नाना हुसैन का,
मुझे भाता है नाना हुसैन का

बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का

इस दीन की खातिर क्या ना किया,
वो जाम-ए-शहादत नोश किया,
कोई सर को कटाए, कोई घर को लुटाए,
ऐसा है घराना हुसैन का

बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का

हम ग़ैर के दर पर क्यों जाएं,
हम सब उनके दर से पाएं,
अली वाले चले आओ, दामन को फैलाओ,
बंटता है ख़ज़ाना हुसैन का

बड़ा प्यारा है नाना हुसैन का

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह मनमोहक और जोश से भरी मनक़बत हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ (इमाम हुसैन के नाना) की अज़मत और कर्बला में इस्लाम की रक्षा के लिए इमाम हुसैन के पूरे घराने द्वारा दी गई महान क़ुर्बानी और उनकी सख़ावत (दानशीलता) को समर्पित है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि "दुनिया में कोई किसी और का दीवाना हो सकता है, लेकिन मुझे तो इमाम हुसैन के नाना (हुज़ूर ﷺ) ही सबसे ज़्यादा अच्छे लगते हैं, जिनकी शान सबसे अनोखी और ज़ुल्फ़ें काली हैं।" इस घराने ने इस्लाम धर्म (दीन) की रक्षा के लिए अपने घर को लुटा दिया और हँसते-हँसते शहादत का प्याला पी लिया, इसलिए हमें किसी और के दरवाज़े पर जाने की आवश्यकता नहीं है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दहिंदी अर्थ (Meaning)
नानामाता के पिता (यहाँ तात्पर्य हुज़ूर मुहम्मद ﷺ से है)
भाता हैअच्छा लगता है / प्रिय लगता है
दीनधर्म (यहाँ तात्पर्य इस्लाम धर्म से है)
जाम-ए-शहादतशहादत का प्याला / वीरगति का अमृत
नोश कियापिया / ग्रहण किया
ग़ैर के दरपराया दरवाज़ा / किसी दूसरे के पास
अली वालेहज़रत अली को मानने वाले / उनके चाहने वाले

सारांश (Summary)

इस ख़ूबसूरत कलाम का मूल सार यह है कि इमाम हुसैन का पूरा परिवार बेहद सख़ी (दानी) है, जहाँ आकर कोई भी ख़ाली हाथ नहीं लौटता। शायर कहता है कि हज़रत अली और अहल-ए-बेत (नबी के परिवार) से प्यार करने वाले लोग आगे आएं और अपनी झोली फैलाएं, क्योंकि यहाँ हुसैन के करम और बरकत का ख़ज़ाना बंट रहा है। इस पाक घराने ने सच और धर्म की राह में अपना सिर तो कटा दिया, लेकिन बातिल (अधर्म) के आगे कभी घुटने नहीं टेके।

लिरिक्स के मुताबिक, इस्लाम ('दीन') की हिफ़ाज़त के लिए हुसैन के घराने ने क्या किया और उनके दर पर किस चीज़ का ख़ज़ाना बंट रहा है?

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