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लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी Lyrics In हिन्दी

(लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी, ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी

श्रेणी (कटेगरी) : नज़्म के बोल (लीरिक्स) हम्द के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : अल्लामा इक़बाल

नातख्वान/कलाकार: खदीजा फातिमा तल्हा कादरी

जोड़ा गया : 08 May, 2022 06:08 AM IST

बार देखा गया : 2K

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी
ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी

दूर दुनिया का मेरे दम से अंधेरा हो जाये
हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाये

हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत

ज़िन्दगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब
इल्म की शम्मा से हो मुझको मोहब्ब्त या रब

हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना
दर्दमंदों से ज़ईफ़ों से मोहब्बत करना

मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको
नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझको

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह सुप्रसिद्ध दार्शनिक और कवि अल्लामा इक़बाल द्वारा रचित एक अत्यंत लोकप्रिय और प्रेरणादायक प्रार्थना (दुआ) है, जिसे बच्चों के भीतर उच्च मानवीय मूल्यों और समाज सेवा की भावना जगाने के लिए लिखा गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि एक बच्चे के दिल की इच्छा उसके होठों पर प्रार्थना बनकर आई है कि हे ईश्वर! मेरा जीवन एक जलते हुए दीपक (शम्मा) के समान परोपकारी हो, जो अज्ञानता और दुःख के अंधेरे को दूर कर दे। मैं अपने अच्छे कार्यों से अपने देश की शोभा (ज़ीनत) को उसी प्रकार बढ़ाऊँ, जैसे सुंदर फूल किसी उपवन या बाग की शोभा बढ़ाते हैं।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (Hindi)
शम्मामोमबत्ती / दीपक या रोशनी
ज़ीनतशोभा / सुंदरता या रौनक़
इल्मज्ञान / शिक्षा
हिमायतसमर्थन करना / सहायता या पक्ष लेना
ज़ईफ़ोंवृद्ध जन / बूढ़े या कमज़ोर लोग

सारांश (Summary)

इस प्रार्थना में बच्चा ईश्वर से कामना करता है कि उसे पतंगे (परवाने) की भांति ज्ञान (इल्म) रूपी रोशनी से सच्ची लगन हो जाए। उसके जीवन का परम लक्ष्य असहायों, पीड़ितों और वृद्धों की सेवा व उनसे प्रेम करना हो। कविता के अंत में वह ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उसे हर प्रकार की बुराई और गलत रास्ते से सुरक्षित रखते हुए सदैव सच्चाई और भलाई के मार्ग (नेक राह) पर चलने की शक्ति दे।

इस दुआ में बच्चा अपने वतन की शोभा (ज़ीनत) को किस चीज़ से बढ़ाने की मिसाल (उदाहरण) दे रहा है?

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