اندھیری رات ہے غم کی گھٹا عصیاں کی کالی ہے
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टाइटल : Aaqa Le Lo Salaam Ab Hamara
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स) सलात ओ सलाम के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात
नातख्वान/कलाकार: छोटे माजिद शोला ओवैस रज़ा कादरी
जोड़ा गया : 09 Apr, 2023 08:51 AM IST
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अस्सलाम अलैका या रसूल अल्लाह
अस्सलाम अलैका या हबीबल्लाह
सलाम उस पर के जिस ने बेकशों की दस्तगिरी की,
सलाम उस पर के जिस ने बादशाही में फकीरी की,
सलाम उस पर के जिस के पास ना चांदी थी न सोना था,
सलाम उस पर के टूटा बोरिया जिसका बिछौना था
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा,
सबा तू मदीने जा के कहना खुदारा,
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा
गम से हैं टूटे हुए, ज़ुल्मों से लूटे हुए,
मुद्दत हुए या नबी, किस्मत को रूठे हुए,
रौज़े महशर उम्मती का आप ही सहारा
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा
चंद के टुकड़े किये, पेड़ों ने सजदे किये,
सूरज पलट आगया, यह मौज़्ज़े आपके,
ऊममाती क्या खुद खुदा हैं शैदा तुम्हारा
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा
नूरे खुदा आप है, शाहे खुद आप है,
ऐसे बने अंबिया, बहरे सखा आप है,
यह है अज़मत रब ने तुम पे कुरान उतारा
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा
दिन रात रोटी है यह, उम्मत तुम्हारे लिये,
हो जाये नज़रे करम, आक़ा हमारे लिये,
तैबा की उन गलियों का कब होगा नज़ारा
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा
सब अंबिया के इमाम, तुम पर हो लाखों सलाम,
रौज़े पे आए मजीद, कहता है यह सुबहो शाम,
ज़िंदगी में आस का ना टूटे सितारा
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा,
सबा तू मदीने जा के कहना खुदारा,
आक़ा ले लो सलाम अब हमारा