اندھیری رات ہے غم کی گھٹا عصیاں کی کالی ہے
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عنوان: Bimar Zindagi Hai Dawa Mang Rahi Hai
زمرہ: نعت کے بول (لیرکس) حمد کے بول (لیرکس)
مصنف/گیتکار: کلام اعلیٰ حضرت امام احمد رضا
نعت خوان/ فنکار: اشفاق نوری
شامل کیا گیا: 15 Jan, 2025 12:06 PM IST
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बीमार जिंदगी है दवा मांग रही है (x3)
ये रूह मदीने की हवा मांग रही है (x2)
ऐ मालिके कौनेन बड़ी रात आता कर (x2)
ये फातिमा रो रोके दुवा मांग रही है (x2)
ये रूह मदीने की हवा मांग रही है
मुमकिन नहीं नसीब हमारा सकिस्ता हो (x2)
माँ मेरे लिए घर में दुआ मांग रही (x2)
ये रूह मदीने की हवा मांग रही
बीमार जिंदगी है दवा मांग रही है
ये रूह मदीने की हवा मांग रही है