اندھیری رات ہے غم کی گھٹا عصیاں کی کالی ہے
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टाइटल : Unke Andaz-e-Karam Unpe Aana Dil Ka
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात
नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात
जोड़ा गया : 08 Aug, 2023 12:39 PM IST
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Unke Andaz-e-Karam Unpe Aana Dil Ka
Haye Woh Waqt Woh Baatein Woh Zamana Dil Ka
Mujhay Yaad Hai Zara Zara
Unhay Yaad Ho Ke Na Yaad Ho
Haye Woh Waqt Woh Baatein Woh Zamana Dil Ka
Na Suna Usne Tawajo Se Fasana Dil Ka
Umar Guzri Hai Magar Dard Na Jana Dil Ka
Dillagi Dil Ki Lagi Ban Ke Mita Deti Hai
Dil Jalwon Se Dillagi Achi Nahi
Ronay Walon Se Hanseen Achi Nahi
Dillagi Dil Ki Lagi Ban Ke Mita Deti Hai
Dil Laga Kar Pata Chala Dil Ko Ashiqi Dillagi Nahi Hoti
Dillagi Dil Ki Lagi Ban Ke Mita Deti Hai
Kiya Khabar Thi Ke Ishq Ke Haathon Aisi Halat Tabah Hothi
Hai
Baat Karta Hoon Dum Ulaj Tha Hai
Saans Loon Tho Tho Aah Hoti Hai
Dillagi Dil Ki Lagi...
Zakhm Pe Zakhm Kha Ke Ji
Apne Lahoo Ke Ghont Pi
Aah Na Kar Labon Ko Si
Ishq Hai Dillagi Nahin
Dillagi Dil Ki Lagi Ban Ke Mita Deti Hai
Rog Dushman Ko Bhi Ya Rab Na Lagana Dil Ka
Wo Bhi Apne Na Howe Dil Bhi Haathon Se Gaya
Aise Aane Sat To Behtar Hai Na Aana Dil Ka
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यह मशहूर ग़ज़ल (क़व्वाली के रूप में नुसरत फ़तेह अली ख़ान साहब की आवाज़ में अमर) मोहब्बत की बेबसी, उसके दर्द की शिद्दत और दिल टूटने के अहसास का एक बेहद दर्दनाक और ख़ूबसूरत बयान है।
इस कलाम का अर्थ है कि जिसे इंसान शुरुआत में महज़ 'दिललगी' (मनोरंजन या मज़ाक) समझता है, वह कब 'दिल की लगी' (गहरा और सच्चा इश्क़) बनकर इंसान का वजूद मिटा देती है, पता ही नहीं चलता। शायर कहता है कि इश्क़ में ऐसी बेबसी और तबाही आती है कि हर सांस के साथ आह निकलती है, महबूब कभी फ़साने को ध्यान से नहीं सुनता और अंत में इंसान महबूब को भी खो देता है और अपना दिल भी हार बैठता है।
| शब्द (Word) | अर्थ (Hindi / English Meaning) |
|---|---|
| अंदाज़-ए-करम | मेहरबानी या नवाज़िश का तरीक़ा (Style of kindness) |
| तवज्जो | ध्यान या ग़ौर करना (Attention / Focus) |
| फ़साना | कहानी या दास्तान (Story / Tale) |
| दिललगी | मज़ाक, दिल्लगी या मन बहलाव (Jest / Joke) |
| दिल की लगी | सच्चा इश्क़ या तड़प (True Love / Passion) |
| तबाह | बर्बाद या नष्ट होना (Ruined / Destroyed) |
| लहू | ख़ून या रक्त (Blood) |
| सी | सिल लेना या ख़ामोश हो जाना (Stitch / Close) |
| रोग | बीमारी या कष्ट (Illness / Affliction) |
मोहब्बत कोई खेल या खिलौना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कठिन रास्ता है जहाँ आशिक़ को ज़ख़्म पर ज़ख़्म खाकर भी ख़ामोश रहना पड़ता है और अपने ही ख़ून के घूँट पीने पड़ते हैं। महबूब की बेरुख़ी और इस रूहानी तकलीफ़ को देखकर शायर ईश्वर से दुआ करता है कि यह इश्क़ का ख़तरनाक 'रोग' भगवान कभी उसके दुश्मन को भी न लगाए, क्योंकि इस राह में इंसान सब कुछ हारकर तबाह हो जाता है।
इस कलाम के मुताबिक, शायर ने किस चीज़ को दुश्मन के लिए भी न माँगने की दुआ की है?