search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है Lyrics In हिन्दी

(पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है, जागूँगा सारी रात,इबादत की रात है)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

श्रेणी (कटेगरी) : कलाम के बोल (लीरिक्स) नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: राव अली हसनैन

जोड़ा गया : 23 Feb, 2024 05:57 AM IST

बार देखा गया : 812

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है,
जागूँगा सारी रात, इबादत की रात है

पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

मर्ज़-ए-गुनाहगारी से तौबा करूँगा मैं,
फ़र्मान-ए-मुस्तफ़ा है, शफ़ाअत की रात है

जागूँगा सारी रात, इबादत की रात है,
पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

होगी क़बूल सारे तालबगारों की फरियाद,
बस दिल से पुकारो, ये समाएत की रात है

जागूँगा सारी रात, इबादत की रात है,
पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

सजदे करूँगा, अश्क-ए-निदामत बहाऊँगा,
सब कुछ मिलेगा मुझको, इनायत की रात है

जागूँगा सारी रात, इबादत की रात है,
पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

सारा जहाँ छोड़ के मस्जिद चलो, नादिम!
रहमत ही रहमतें हैं, ये बरकत की रात है

जागूँगा सारी रात, इबादत की रात है,
पाई शबे बारात ये क़िस्मत की बात है

शबे बारात, शबे बारात
शबे बारात, शबे बारात

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह कलाम शबे-बारात की अज़मत और उस रात की जाने वाली तौबा की अहमियत का बयान है, जिसमें बताया गया है कि यह रात गुनाहों से पाक होने और खुदा की रहमत समेटने का एक खुशनसीब मौका है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि शबे-बारात नसीब वालों को मिलती है ताकि वे पूरी रात जागकर इबादत कर सकें। शायर कहता है कि गुनाहों की बीमारी का इलाज सच्ची तौबा में है, और चूँकि मुस्तफ़ा ﷺ का फ़रमान है कि यह शफ़ाअत (माफी) की रात है, इसलिए दिल से की गई हर फ़रियाद ज़रूर सुनी जाएगी।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
मर्ज़-ए-गुनाहगारीगुनाह करने की बीमारी (The disease of sinning)
शफ़ाअतसिफारिश/माफी (Intercession/Recommendation for mercy)
तालबगारचाहने वाला/उम्मीदवार (Seeker)
समाअतसुनने की शक्ति/सुनवाई (Hearing/Listening)
अश्क-ए-निदामतशर्मिंदगी के आँसू (Tears of repentance)
इनायतकृपा/बख्शिश (Blessing/Grace)
नादिमशर्मिंदा होने वाला (शायर का उपनाम)

सारांश (Summary)

इस कलाम का निचोड़ यह है कि इंसान को दुनिया के सारे काम छोड़कर मस्जिद और इबादत की तरफ रुख करना चाहिए। शायर 'नादिम' समझाते हैं कि यदि हम सजदों में गिरकर और पश्चाताप के आँसू बहाकर दुआ माँगते हैं, तो इस बरकत वाली रात में अल्लाह की रहमत से सब कुछ हासिल हो सकता है।

शायर के अनुसार, इस रात को "इबादत की रात" क्यों कहा गया है और इसका ताल्लुक किस्मत से क्या है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें