search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

Aap Agar Bula Lenge Ya Nabi Madine Mein Lyrics In हिन्दी


Written By

avatar
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : Aap Agar Bula Lenge Ya Nabi Madine Mein

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 05 Oct, 2022 05:49 PM IST

बार देखा गया : 3.3K बार डाउनलोड हुआ : 195

Time to read: 1 min read

translate बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

Aap Agar Bula Lenge Ya Nabi Madine Mein
Umar Bhar Karunga Main Naukari Madine Mein

Mustafa Ke Gumbad Ka Husn Hi Kuch Aisa Hai
Jibrayel Aate Hain Aaj Bhi Madine Mein

Apne Ghar Ki Chaukhat Ko Phir Na Mud Ke Dekhunga
Mustafa Aat Kar De Jhopdi Madine Mein

Kash Mujhse Ho Jaye Bhool Se Khata Koi
Is Garaz Se Lag Jaye Hathkadi Madine Mein

Aap Agar Bula Lenge Ya Nabi Madine Mein
Umar Bhar Karunga Main Naukari Madine Mein

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह भावपूर्ण नात शरीफ हुज़ूर ताज़दार-ए-मदीना ﷺ की पवित्र बारगाह में हाज़िर होने और मदीने की पावन धरती पर अपनी पूरी ज़िंदगी गुज़ार देने की एक सच्चे प्रेमी (आशिक-ए-रसूल) की बेपनाह चाहत का बेहद खूबसूरत बयान है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि यदि आक़ा ﷺ एक बार मदीने बुला लें, तो भक्त जीवन भर उनके दर का सेवक (ग़ुलाम) बनकर वहीं रहने को तैयार है। मदीने के हरे गुंबद का सौंदर्य ऐसा है जिसे निहारने आज भी फ़रिश्ते आते हैं, और कवि की हसरत है कि आक़ा उसे मदीने में रहने के लिए एक छोटी सी झोपड़ी ही बख्श दें, तो वह अपने वतन को हमेशा के लिए भूल जाएगा।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (Hindi)
नौकरीसेवा / ग़ुलामी या ख़िदमत
हुशन (हुस्न)सौंदर्य / खूबसूरती
चौखटघर का दरवाज़ा / दहलीज़
अता करदेदान कर देना / प्रदान करना या बख्श देना
ख़ताभूल / गलती
गरज़उद्देश्य / मतलब या नीयत

सारांश (Summary)

कवि मदीना मुनव्वरा की गलियों में बसने के लिए इस हद तक व्याकुल है कि वह भूल से कोई ऐसी गलती करने की इच्छा रखता है जिसके बदले उसे मदीने की पवित्र जेल में हथकड़ी लगा दी जाए, ताकि उसे कभी मदीना छोड़ना ही न पड़े। उसके दिल की बस एक ही पुकार है कि आक़ा की नगरी में उसे जो भी स्थान मिले, वह उनके दर की चाकरी करते हुए अपनी पूरी उम्र वहीं बिता दे।

शायर किस गरज़ (मकसद) से मदीने में भूल से कोई खता करने और हथकड़ी लगने की ख्वाहिश नसीब होने की बात कर रहा है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें