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जब आप किसी को मुसीबत में देखें तो दुआ पढ़ो

(Dua When You See Someone in Trouble)


जब आप किसी को मुसीबत में देखें तो दुआ पढ़ो हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

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जब आप किसी को मुसीबत में देखें तो दुआ पढ़ो

Updated :03 May, 2026 03:57 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन बीमारी और अस्पताल का दौरा (जाना) यात्रा

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اَلْحَمْدُ لِلّٰہِ الَّذِي عَافَانِي مِمَّا ابْتَلَاكَ بِهٖ وَفَضَّلَنِي عَلٰی كَثِيرِ مِمَّنْ خَلَقَ تَفْضِيلَاً

जब आप किसी को मुसीबत में देखें तो दुआ पढ़ो

जब आप किसी को मुसीबत में देखें तो दुआ पढ़ो

अर्थ:

अल्लाह अज़्ज़वजल का शुक्र है जिसने मुझे इस मुसीबत से आफ़ियत दी, जिसमें तुझे मुब्तला किया, और मुझे अपनी बहुत सी मख़लूक़ पर फ़ज़ीलत दी।

अंग्रेजी में मतलब:

Thanks to Allah Azzawajal who granted me relief from this affliction, which you have been involved in, and grant me greatness over a lot of your creatures.

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Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

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व्याख्या (Explanation)

यह दुआ एक इंसान के अंदर कृतज्ञता (शुक्र) और विनम्रता की भावना पैदा करती है। जब हम किसी को किसी बीमारी, गरीबी या किसी अन्य परेशानी में देखते हैं, तो यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हमारे पास जो सुकून और सेहत है, वह केवल ईश्वर (अल्लाह) की देन है। इस दुआ को पढ़ने का उद्देश्य दूसरे का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि अपनी सलामती के लिए खुदा का आभार व्यक्त करना है। इसे धीरे से पढ़ना चाहिए ताकि पीड़ित व्यक्ति को दुख न पहुंचे।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

यह दुआ सुनन इब्न माजह (हदीस 3892) और जामिअत तिर्मिज़ी (हदीस 3432) में वर्णित है। हदीस के अनुसार, जो व्यक्ति किसी मुसीबत ज़दा को देखकर यह दुआ पढ़ता है, वह उस विशेष मुसीबत से जीवन भर सुरक्षित रहता है। हालाँकि यह सीधे कुरान की आयत नहीं है, लेकिन कुरान की सूरह इब्राहिम (आयत 7) का सिद्धांत "यदि तुम शुक्र करोगे, तो मैं तुम्हें और अधिक दूंगा" इस दुआ की रूह से मेल खाता है।


सारांश (Summary)

यह दुआ अल्लाह की दी हुई नियामतों को पहचानने और खुद को कठिन परीक्षाओं से बचाने का एक आध्यात्मिक तरीका है। दूसरों की तकलीफ को देखकर शुक्र अदा करना हमें अहंकार से बचाता है और ईश्वर की दया का एहसास कराता है। इसे पढ़ने वाला उस विशेष दुख या बीमारी से सुरक्षित रहता है जिससे दूसरा व्यक्ति जूझ रहा है।

क्या आपको लगता है कि शुक्र अदा करने से हमारी परेशानियां कम हो सकती हैं?

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