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सफर और सवारी पर बेठने की दुआ

(Dua for Traveling & Journey)


सफर और सवारी पर बेठने की दुआ हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

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सफर और सवारी पर बेठने की दुआ

Updated :29 Apr, 2026 01:21 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन यात्रा

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سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَـٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

सफर और सवारी पर बेठने की दुआ

सफर और सवारी पर बेठने की दुआ

अर्थ:

अल्लाह का शुक्र है , पाक वो है जिसने हमारे लिए इस (सवारी को) चुना और हम हम इस को आज्ञाकार नहीं बना सकते थे।

अंग्रेजी में मतलब:

Thanks to Allah Azzawajal. Pure is he who subdude this, other wise we could not make this obedient.

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Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

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व्याख्या (Explanation)

सफर और सवारी पर बैठने की यह दुआ अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करने का एक बेहतरीन जरिया है। जब हम किसी सवारी (गाड़ी, बस, ट्रेन, या हवाई जहाज) पर बैठते हैं, तो यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हम इंसानों की अपनी ताकत इतनी नहीं है कि हम इतनी बड़ी मशीन या जानवर को काबू कर सकें; यह केवल अल्लाह की रहमत है जिसने इसे हमारे लिए आसान और आज्ञाकारी बनाया है। यह दुआ सफर के दौरान विनम्रता (आजिज़ी) पैदा करती है और अल्लाह से हिफाजत की दरख्वास्त करती है।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

जी हाँ, यह दुआ कुरान-ए-पाक की सूरह अज़-ज़ुख़रुफ़ (आयतों 13-14) का हिस्सा है। अल्लाह तआला फरमाता है:

"सुब्हानल्लज़ी सख़्ख-र लना हाज़ा व मा कुन्ना लहू मुक़रीनीन व इन्ना इला रब्बिना ल-मुन्क़लिबून।" (पाक है वह ज़ात जिसने इसे हमारे लिए वश में कर दिया, और हम इसे काबू करने वाले न थे। और बेशक हम अपने रब की तरफ लौटने वाले हैं।)


सारांश (Summary)

यह दुआ हर सफर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करने और उसकी हिफाजत मांगने का तरीका है। इसे पढ़कर हम अपनी विनम्रता और अल्लाह पर अपना भरोसा ज़ाहिर करते हैं। यह हमें याद दिलाती है कि हम हर हाल में अल्लाह के मोहताज हैं और अंत में हमें उसी की तरफ लौटना है। यह हमें सफर के दौरान अल्लाह की याद में जोड़े रखती है।

क्या यह दुआ सिर्फ लंबे सफर के लिए है, या हर बार गाड़ी या किसी भी सवारी में बैठने पर पढ़नी चाहिए?

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