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वज़ू के दरमियान पढ़ने की दुआ

(Dua While Performing Wudhu (Ablution))


वज़ू के दरमियान पढ़ने की दुआ हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

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वज़ू के दरमियान पढ़ने की दुआ

Updated :03 May, 2026 05:45 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन

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اَللّٰهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي وَوَسِّعْ لِي فِي دَارِي وَبَارِكْ لِي فِي رِزْقِي

वज़ू के दरमियान पढ़ने की दुआ

वज़ू के दरमियान पढ़ने की दुआ

अर्थ:

ऐ अल्लाह अज़्ज़वजल, मुझे बख़्श दे और मेरे घर में बरकत और शादगी दे।

अंग्रेजी में मतलब:

O Allah Azzawajal forgive me and give me abundance and blessing in my house and grant me abundance in my livlihood.

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Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

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व्याख्या (Explanation)

वज़ू के दौरान यह दुआ पढ़ना एक मोमिन के लिए रूहानी और दुनियावी भलाई का संगम है। जब हम अपने शरीर के अंगों को पानी से धोकर नमाज़ के लिए तैयार होते हैं, तो यह दुआ हमारे अंदरूनी गुनाहों की माफ़ी (मग़फिरत) की गुज़ारिश करती है। इसमें हम अल्लाह से तीन अहम चीज़ें मांगते हैं: गुनाहों से पाक होना, अपने घर में सुकून व बरकत हासिल करना, और अपनी रोज़ी-रोटी (रिज़्क़) में कुशादगी। यह दुआ हमें सिखाती है कि एक इंसान को अपनी रूहानी पाकीज़गी के साथ-साथ अपनी पारिवारिक और आर्थिक खुशहाली के लिए भी हमेशा अल्लाह के सामने हाथ फैलाना चाहिए।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

यह दुआ हदीस की मशहूर किताबों जैसे 'अमल अल-यौम वल-लैला' (इब्न सुन्नी) और नसाई में दर्ज है। हज़रत अबू मूसा अशअरी (रज़ि.) रिवायत करते हैं कि उन्होंने नबी करीम ﷺ को वज़ू के दौरान इन शब्दों के साथ दुआ करते हुए सुना था। हालाँकि कुरान की सूरह अल-मायदा (आयत 6) में वज़ू करने का तरीक़ा बताया गया है, लेकिन वज़ू के दौरान यह दुआ पढ़ना रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है, जो हमारे वज़ू के अमल को और भी ज़्यादा बरकत वाला बना देती है।


सारांश (Summary)

वज़ू के बीच यह दुआ पढ़ना गुनाहों की माफ़ी और घर-बार में बरकत का एक बेहतरीन ज़रिया है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारी असल कामयाबी अल्लाह की माफ़ी और उसके दिए हुए रिज़्क़ में छुपी है। जब हम वज़ू के पानी से बाहरी सफाई करते हैं, तो यह दुआ हमारी अंदरूनी और दुनियावी ज़िंदगी को संवारने की इल्तिजा बन जाती है। यह इबादत के साथ-साथ एक सुखी जीवन की कुंजी भी है।

क्या आपने कभी सोचा है कि वज़ू जैसी छोटी इबादत में भी हमारी पूरी ज़िंदगी की कामयाबी छुपी है?

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