search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

किसी मुसलमान को हँसता देख कर पढ़ने की प्राथना (दुआ)

(Dua At The Time Of Seeing A Muslim Smiling)


किसी मुसलमान को हँसता देख कर पढ़ने की प्राथना (दुआ) हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

avatar
  • Editors Desk
  • Added3 साल पहले
  • visibility327बार देखा गया
  • comment0 टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
thumbnail-img

किसी मुसलमान को हँसता देख कर पढ़ने की प्राथना (दुआ)

Updated :29 Apr, 2026 01:49 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन परिवार और घर

Also read in

أَضْحَكَ اللّٰہُ سِنَّكَ

किसी मुसलमान को हँसता देख कर पढ़ने की प्राथना (दुआ)

किसी मुसलमान को हँसता देख कर पढ़ने की प्राथना (दुआ)

अर्थ:

अल्लाह अज़वजल तुझे हँसता रखे।

अंग्रेजी में मतलब:

May Allah Almighty Keep you smiling.

wand_stars
Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

There may be some mistakes in this summary, if you find anything wrong then please let us know.

keyboard_arrow_down

व्याख्या (Explanation)

जब आप अपने किसी मुसलमान भाई या बहन को खुश या मुस्कुराते हुए देखते हैं, तो उनके लिए यह दुआ करना एक प्यारी सुन्नत है। यह दुआ अरबी में "अज़हकल्लाहु सिन्नक" (Adhakallahu sinnaka) कही जाती है, जिसका अर्थ है "अल्लाह तुम्हारी मुस्कुराहट को हमेशा सलामत रखे।" यह अमल इस्लाम में भाईचारे को मज़बूत करने का एक बहुत ही खूबसूरत तरीका है। जब हम किसी की खुशी को देखकर उसके लिए दुआ करते हैं, तो इससे दिलों के बीच प्यार बढ़ता है, जलन और नफरत खत्म होती है, और यह साबित होता है कि एक मोमिन दूसरे की खुशी में भी खुद को खुश महसूस करता है।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

यह सुन्नत-ए-रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से पूरी तरह साबित है। हदीस की किताबों (जैसे सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम) में ऐसी कई रिवायतें मौजूद हैं, जिनमें नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने साथियों को मुस्कुराते हुए देखकर उनके लिए यही दुआ फरमाई थी। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का अपने साथियों के प्रति स्नेह और उनकी खुशी में शामिल होने का यह अंदाज़ हमारे लिए एक आदर्श (Example) है।


सारांश (Summary)

किसी मुसलमान को मुस्कुराते देखकर यह दुआ पढ़ना एक बेहतरीन सुन्नत है जो दिलों के बीच प्यार और सद्भाव पैदा करती है। यह हमें सिखाती है कि दूसरों की खुशी में शामिल होना और उनके लिए दुआ करना एक अच्छे मोमिन की पहचान है। यह अमल जलन को खत्म करके समाज में खुशहाली और भाईचारे का माहौल बनाता है। यह छोटी सी दुआ हमारे सामाजिक रिश्तों को और भी अधिक मज़बूत और बरकत वाला बना देती है।

किसी की खुशी में शामिल होना और उनके लिए दुआ करना हमारे रिश्तों और समाज पर क्या असर डालता है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

0 Comments

Leave a Comment

समान मसनून दुआएं देखें