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घर में दाखिल होने/होते वक्त की दुआ

(Dua When Entering The Home)


घर में दाखिल होने/होते वक्त की दुआ हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

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घर में दाखिल होने/होते वक्त की दुआ

Updated :29 Apr, 2026 03:26 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन परिवार और घर यात्रा

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اَللّٰھُمَّ اِنِّیْ اَسْئَلُكَ خَیْرَالْمَوْلَجِ وَخَیْرَالْمَخْرَجِ

घर में दाखिल होने/होते वक्त की दुआ

घर में दाखिल होने/होते वक्त की दुआ

अर्थ:

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दाखिल होने और निकलने की जगहों की भलाई तलब (माँगता) करता हूँ।

अंग्रेजी में मतलब:

O Allah (عَزَّ وَجَلَّ)! I ask you for the goodness of the places of entering and exiting.

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Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

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व्याख्या (Explanation)

घर में दाखिल होना हमारी निजी सुरक्षा और सुकून की जगह में आने का समय होता है। जब हम बाहर की दुनिया (जहाँ भागदौड़ और परेशानियां हो सकती हैं) से अपने घर में आते हैं, तो यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हमारे घर की शांति और बरकत पूरी तरह अल्लाह की अता है। इस दुआ को पढ़ने से हम अल्लाह से प्रार्थना करते हैं कि हमारे घर में आने और बाहर निकलने की हर गतिविधि में भलाई (खैर) हो। यह दुआ नकारात्मक ऊर्जाओं और शैतानी असर को घर से दूर रखती है और घर को एक ऐसी जगह बनाती है जहाँ सुकून, रहमत और सुरक्षा का बसेरा हो।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

इस विशेष दुआ का उल्लेख कुरान पाक की किसी आयत में तो नहीं है, लेकिन यह सुन्नत-ए-रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से पूरी तरह साबित है। सुनन अबू दाऊद (हदीस संख्या 5096) में उल्लेख है कि नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने घर में दाखिल होते समय अल्लाह के नाम का जिक्र करने और भलाई मांगने की तालीम दी है। अक्सर लोग घर में दाखिल होते वक्त सलाम करने के साथ यह दुआ पढ़ते हैं, जिससे घर में बरकत और फरिश्तों का आगमन होता है।


सारांश (Summary)

घर में दाखिल होते वक्त यह दुआ पढ़ना अल्लाह की रहमत और बरकत को अपने घर में आमंत्रित करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। यह हमारे घर को शांति और सुरक्षा का केंद्र बनाती है और बाहरी नकारात्मकता को प्रवेश करने से रोकती है। इस छोटी सी सुन्नत को अपनी आदत बनाकर हम अपने घर के माहौल को खुशनुमा और पाकीज़ा बना सकते हैं। यह हमें याद दिलाती है कि हमारा घर तभी सुरक्षित और सुकून भरा है जब हम अल्लाह के नाम से इसमें प्रवेश करते हैं।

घर में दाखिल होते वक्त सलाम करना और दुआ पढ़ना, घर के माहौल पर क्या असर डालता है?

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