search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

सिर दर्द की दुआ (या सिर दर्द से राहत की प्रार्थना)

(Prayer For Headache (Or Supplication For Relief From Headache))


सिर दर्द की दुआ (या सिर दर्द से राहत की प्रार्थना) हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

avatar
  • Editors Desk
  • Added1 महीना पहले
  • visibility38बार देखा गया
  • comment0 टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
thumbnail-img

सिर दर्द की दुआ (या सिर दर्द से राहत की प्रार्थना)

Updated :04 May, 2026 06:27 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : कुरान से दैनिक जीवन परिवार और घर

Also read in

أَعُوذُ بِعِزَّةِ اللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ

सिर दर्द की दुआ (या सिर दर्द से राहत की प्रार्थना)

सिर दर्द की दुआ (या सिर दर्द से राहत की प्रार्थना)

अर्थ:

मैं अल्लाह की कुदरत और उसकी ताकत की पनाह माँगता हूँ उस बुराई से जो मैं महसूस करता हूँ।

अंग्रेजी में मतलब:

I seek refuge in the might and power of Allah from the evil of what I feel.

wand_stars
Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

There may be some mistakes in this summary, if you find anything wrong then please let us know.

keyboard_arrow_down

व्याख्या (Explanation)

यह दुआ किसी भी शारीरिक दर्द, विशेषकर सिर दर्द के समय अल्लाह की सुरक्षा और सहायता प्राप्त करने का एक आध्यात्मिक तरीका है। इसमें 'पनाह' माँगने का अर्थ है खुद को अल्लाह के संरक्षण में देना, यह स्वीकार करते हुए कि हमारी अपनी शक्ति सीमित है लेकिन अल्लाह की 'कुदरत' (शक्ति) असीम है। यहाँ 'बुराई' शब्द का प्रयोग उस दर्द और तकलीफ के लिए किया गया है जो इंसान को बेचैन करती है। यह दुआ न केवल शारीरिक राहत के लिए है, बल्कि यह मानसिक शांति भी प्रदान करती है क्योंकि बंदा अपनी तकलीफ को ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली मालिक के सुपुर्द कर देता है।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

यह दुआ एक अत्यंत प्रामाणिक हदीस (Hadith) से ली गई है जो सहीह मुस्लिम में वर्णित है। हज़रत उस्मान बिन अबी अल-आस (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने नबी करीम ﷺ से अपने शरीर के दर्द की शिकायत की थी। तब अल्लाह के रसूल ﷺ ने उन्हें सिखाया कि जहाँ दर्द हो वहाँ अपना हाथ रखें और तीन बार "बिस्मिल्लाह" कहें, फिर सात बार यह दुआ पढ़ें: "अऊज़ु बिल्लाहि व कुदरतिही मिन शर्री मा अजिदु व उहाज़िरु"। हालांकि यह सीधे क़ुरान की आयत नहीं है, लेकिन यह सुन्नत का हिस्सा है और शिफ़ा के लिए बहुत मुअसर (असरदार) मानी जाती है।


सारांश (Summary)

(Hindi) सिर दर्द की यह दुआ अल्लाह की असीमित शक्ति पर भरोसा जताने का एक सुंदर तरीका है। यह हमें सिखाती है कि हर बीमारी और तकलीफ के वक्त सबसे पहले अपने रचयिता से मदद माँगनी चाहिए। इसे सात बार पढ़ने का तरीका सुन्नत से साबित है, जो दर्द में राहत देने के साथ-साथ इंसान के ईमान को भी मज़बूती देता है।

क्या आपने कभी दर्द के वक्त इस मसनून दुआ को आज़माया है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

0 Comments

Leave a Comment

समान मसनून दुआएं देखें

तरावीह की दुआ

Dua For Taraweeh (prayer Performed During Ramadan Nights)

  • 1 महीना पहले fiber_manual_record 27 बार देखा गया
shareशेयर