मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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عنوان: Dene Ki Der Hai Na Dilane Ki Der Hai
زمرہ: کلام کے بول (لیرکس) منقبت کے بول (لیرکس) نعت کے بول (لیرکس)
مصنف/گیتکار: سجّاد نظامی (مرہوم)
نعت خوان/ فنکار: سجّاد نظامی (مرہوم)
شامل کیا گیا: 15 Feb, 2024 08:04 AM IST
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देने की देर है ना दिलाने की देर है,
ख्वाजा पिया को होंठ हिलाने की देर है
थम जाएंगी अभी अभी गर्दिश की आँधियाँ,
ख्वाजा पिया का नारा लगाने की देर है
जो चाहो अये फरिश्तों वही मुझसे पूछना,
ख्वाजा पिया हुज़ूर के आने की देर है
दोनों जहाँ की दौलते मिल जाएंगी अभी,
चौखट पे उनकी झोली बिछाने की देर है
शैतान की क्या मजाल जो घर में आसके,
खवाज का नाम घर में लिखाने की देर है
जलसे में आज आएंगे सज्जाद देखना,
ख्वाजा पिया को दिलसे बुलाने की देर है