search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

नूर वाला आया है नूर ले कर आया है Lyrics In हिन्दी

(नूर वाला आया है नूर ले कर आया है, सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : नूर वाला आया है नूर ले कर आया है

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 19 Aug, 2023 06:39 PM IST

बार देखा गया : 723

Time to read: 5 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

जब तलक ये चाँद-तारे झिलमिलाते जाएँगे,
तब तलक जश्न-ए-विलादत हम मनाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

नात-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सुनते सुनाते जाएँगे,
या रसूलल्लाह का नारा लगाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

जश्न-ए-मीलाद-ए-मुबारक कैसे छोड़ें हम भला,
जिन का खाते हैं उन्हीं के गीत गाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

चार जानिब हम दिये घी के जलाते जाएँगे,
घर तो घर सारे मुहल्ले को सजाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

ईदे-ए-मीलादुन्नबी की शब चराग़ाँ कर के हम,
क़ब्र नूर-ए-मुस्तफ़ा से जगमगाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

तुम करो जश्न-ए-विलादत की ख़ुशी में रौशनी,
वो तुम्हारी गोर-ए-तीरा जगमगाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

हश्र में ज़ेर-ए-लिवा-ए-हम्द, ऐ अत्तार हम,
नात-ए-सुल्तान-ए-मदीना गुनगुनाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

बहर-ए-बख़्शिश पास अपने कुछ नहीं इस के सिवा,
उम्र-भर नतें सुनेंगे और सुनाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

नात-ख़्वानी मौत भी हम से छुड़ा सकती नहीं,
क़ब्र में भी मुस्तफ़ा के गीत गाते जाएँगे

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

या रसूलल्लाह के नारे से हम को प्यार है,
हम ने ये नारा लगाया अपना बेड़ा पार है

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है,
सारे आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है

अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या रसूलल्लाह,
अस्सलातु व-स्सलामु अलैका या हबीबल्लाह

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह नात शरीफ़ हुज़ूर ﷺ की विलादत (जन्म) की ख़ुशी और दुनिया में उनके नूर के आगमन का सुंदर वर्णन है, जिसमें भक्त अपनी अटूट आस्था और ईदे-मीलाद मनाने के संकल्प को दोहराते हैं।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि जब तक यह दुनिया और आकाश के चाँद-तारे रहेंगे, तब तक हुज़ूर ﷺ के आने का जश्न मनाया जाता रहेगा। शायर कहता है कि जो भक्त दुनिया में उनकी याद में रौशनी और चराग़ाँ करते हैं, आक़ा ﷺ उनकी अंधेरी क़ब्र को अपने नूर से रोशन कर देते हैं।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (हिंदी / English)
सारे आलमपूरी दुनिया / Entire Universe
जश्न-ए-विलादतजन्म का उत्सव / Celebration of birth
चार जानिबचारों दिशाओं में / In all four directions
गोर-ए-तीराअंधेरी क़ब्र / Dark grave
बहर-ए-बख़्शिशमोक्ष या क्षमा के लिए / For the sake of forgiveness
ज़ेर-ए-लिवा-ए-हम्दप्रशंसा के झंडे के नीचे / Under the banner of praise

सारांश (Summary)

हुज़ूर ﷺ 'नूर' बनकर आए हैं और उनकी नात पढ़ना और मीलाद मनाना ही एक मोमिन की बख़्शिश (मुक्ति) का ज़रिया है। शायर 'अत्तार' का मानना है कि नबी ﷺ की मोहब्बत और उनकी नात-ख़्वानी का सिलसिला मौत के बाद क़ब्र में भी जारी रहेगा, क्योंकि उन्हीं के नाम के सहारे भक्तों का बेड़ा पार होना है।

शायर के मुताबिक, मिलाद की खुशी में रोशनी करने से 'गोर-ए-तीरा' (अंधेरी क़ब्र) पर क्या असर होगा?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर: