मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : Muhammed Pe Sab Kuch Lootane Chale Hai Husain Aaj Sar Ko Katane Chale Hai
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : शमीम रज़ा फ़ैज़ी
नातख्वान/कलाकार: शमीम रज़ा फ़ैज़ी
जोड़ा गया : 24 Sep, 2022 03:00 PM IST
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मुहम्मद पे सब कुछ लुटाने चले हैं
हुसैन आज सर को कटाने चले हैं
जो बचपन में नाना से वा’दा किया था
उसे करबला में निभाने चले हैं
मुहम्मद पे सब कुछ लुटाने चले हैं
हुसैन आज सर को कटाने चले हैं
मिलेगा न तारीख़ में ऐसा गाज़ी
लगा दे जो औलाद की जां की बाज़ी
दिखाए कोई उनके जैसा नमाज़ी
जो सजदे में गरदन कटाने चले हैं
मुहम्मद पे सब कुछ लुटाने चले हैं
हुसैन आज सर को कटाने चले हैं
बड़े नाज़ से जिन को पाला नबी ने
जिन्हें रखा पलकों पे मौला अली ने
जिन्हें फ़ातिमा बी ने झूला झुलाया
वो हीं तीर सीने पे खाने चले हैं
मुहम्मद पे सब कुछ लुटाने चले हैं
हुसैन आज सर को कटाने चले हैं
यही केह के अकबर की तलवार चमकी
इधर आ सितमगर, क्या देता है धमकी
जो अकबर निशानी है शाहे-उमम की
अली का वो तेवर दिखाने चले हैं
मुहम्मद पे सब कुछ लुटाने चले हैं
हुसैन आज सर को कटाने चले हैं
जो बचपन में नाना से वा’दा किया था
उसे करबला में निभाने चले हैं