search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

मुहम्मद मुस्तफा आए Lyrics In हिन्दी

(मुहम्मद मुस्तफा आए, मेरे मुस्तफ़ा आ गए मुर्तज़ा आ गए)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : मुहम्मद मुस्तफा आए

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : हाफिज़ फैज़ुल हसन

नातख्वान/कलाकार: हाफिज़ फैज़ुल हसन

जोड़ा गया : 16 Sep, 2024 08:33 AM IST

बार देखा गया : 432

Time to read: 3 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

मरहबा मरहबा मरहबा मरहबा,
मरहबा मरहबा मरहबा मरहबा

मेरे मुस्तफ़ा आ गए, मुर्तज़ा आ गए,
मेरे आक़ा मेरे पेशवा आ गए,
जगमगाने लगी नूर से कायनात,
ख़त्म होगा अब ज़ुल्म-ओ-तसद्दुद का अब,
सारे आलम के मुश्किल-कुशा आ गए।

या नबी या नबी या नबी
सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

हबीबे ख़ालिके दावर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए,
नबूवत की सनद लेकर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

हैं रक्शा नूर से जिनके सितारे अर्श-ए-आज़म पर,
वो नूर-ए-दो जहाँ बनकर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

फ़रिश्ते सदयाने सदमनी के बजाते हैं,
अजब अंदाज़ से सरवर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

ना चमके दहर में क्यों मशअल-ए-नूर-ए-अज़ल हर सू,
तजम्मुल से माह-ए-अनवर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

जो बीबी आमिना और ख़्वाजा अब्दुल्लाह के प्यारे हैं,
वो मेहबूब-ए-ख़ुदा बनकर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

दिया आए ताज-ए-मुज़्दा जिनका मूसा और ईसा ने,
वही सुल्तान-ए-बह्र-ओ-बर मुहम्मद मुस्तफ़ा आए।

सलातुल्लाह सलामुल्लाह अ़लैका या रसूलल्लाह, अ़लैका या हबीबल्लाह

मरहबा मरहबा मरहबा मरहबा,
मरहबा मरहबा मरहबा मरहबा

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह कलाम हुज़ूर ﷺ की विलादत (जन्म) की खुशी और उनकी आमद से कायनात में आए बदलावों का जश्न मनाता है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ को मानवता का रक्षक और खुदा का सबसे प्रिय महबूब बताया गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

शायर कहता है कि मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ के आने से दुनिया से ज़ुल्म और अंधकार का अंत हो गया और पूरी कायनात नूर से जगमगा उठी। फ़रिश्ते भी उनकी आमद की खुशियाँ मना रहे हैं, क्योंकि वे नबूवत की मोहर लेकर आए हैं और उनकी गवाही मूसा (अ.स) और ईसा (अ.स) जैसे पैगंबरों ने भी दी थी।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ
पेशवा (Peshwa)मार्गदर्शक / नेता
तसद्दुद (Tasaddut)अत्याचार / ज़ुल्म
मुश्किल-कुशा (Mushkil Kusha)कठिनाइयों को दूर करने वाला
ख़ालिके दावर (Khalike Dawar)पूरी दुनिया को बनाने वाला (अल्लाह)
अर्शे आज़म (Arsh-e-Aazam)अल्लाह का सिंहासन
मुज़्दा (Muzda)खुशखबरी
सुल्तान-ए-बह्र-ओ-बरज़मीन और समंदर के बादशाह

शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

इस नात का सार यह है कि पैग़म्बर मोहम्मद ﷺ का जन्म समस्त सृष्टि के लिए अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है। उनके आने से मानवता को नई दिशा मिली और हक की रोशनी फैली। यह कलाम उनके प्रति सम्मान और उनके आने की अपार खुशी को "मरहबा" के नारों के साथ व्यक्त करता है।

नात के आखिरी बंद (पद) के मुताबिक, वो कौन से दो अम्बिया (Prophets) हैं जिन्होंने सुल्तान-ए-बहर-ओ-बर (हुज़ूर ﷺ) के आने की खुशखबरी (मुज़्दा) दी थी?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें