search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए Lyrics In हिन्दी

(मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए, यह दावा है कि आसी ख़ुल्द का हक़दार हो जाए)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 09 Jan, 2023 01:25 PM IST

बार देखा गया : 1.7K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए,
मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए
यह दावा है कि आसी ख़ुल्द का हक़दार हो जाए,
यह दावा है कि आसी ख़ुल्द का हक़दार हो जाए

ज़माने का सताया हूँ, परेशान हाल रहता हूँ,
करम की एक नज़र मुझ पर मेरे सरकार हो जाए,
करम की एक नज़र मुझ पर मेरे सरकार हो जाए

फ़क़त मैं ही नहीं, बल्कि सभी आशिक़ कहते हैं,
किसी दिन या रसूल अल्लाह तेरा दीदार हो जाए,
किसी दिन या रसूल अल्लाह तेरा दीदार हो जाए

मैं पलकों से बुहारूंगा मेरे आका तेरी गलियाँ,
बुलावा एक दिन मेरा मेरे सरकार हो जाए,
बुलावा एक दिन मेरा मेरे सरकार हो जाए

कसम अल्लाह की, गलियाँ मदीने की सुहानी हैं,
वहाँ एक बार जाना हो तो बेड़ा पार हो जाए,
वहाँ एक बार जाना हो तो बेड़ा पार हो जाए

तमन्ना है दिल-ए-सज्जाद की मुद्दत से ऐ मौला,
नज़ारा गुम्बद-ए-ख़ज़रा मुझे एक बार हो जाए,
नज़ारा गुम्बद-ए-ख़ज़रा हमें एक बार हो जाए

मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए,
मेहरबान मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह नात-ए-पाक हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की बारगाह में लिखी गई एक बेहद भावुक और रूहानी रचना है। इसमें एक बेसहारा और गुनहगार उम्मती अपने आक़ा ﷺ की कृपादृष्टि पाने और मदीना शरीफ़ की पावन धरती के दीदार के लिए अपनी तड़प को बयां कर रहा है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन मुक़द्दस पंक्तियों का अर्थ है कि "यदि समस्त नबियों के राजा (मुहम्मद ﷺ) मुझ जैसे अदने से सेवक पर मेहरबान हो जाएँ, तो यह पूर्ण दावा (गारंटी) है कि मुझ जैसा महा-पापी भी सीधे स्वर्ग (जन्नत) का अधिकारी बन जाएगा।" शायर कहता है कि मैं इस सांसारिक दुनिया के दुखों और मुसीबतों का सताया हुआ हूँ, मेरी बदहाली और निराशा केवल तभी दूर हो सकती है जब मेरे आक़ा की एक दया-दृष्टि मुझ पर पड़ जाए।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दहिंदी अर्थ (Meaning)
आसीपापी या गुनहगार
ख़ुल्दजन्नत (स्वर्ग)
करम की नज़रदया या कृपा की दृष्टि
फ़क़त / आशिक़ (उश्याक)केवल / प्रेम करने वाले (यहाँ मुराद नबी के चाहने वालों से है)
दीदारदर्शन या पवित्र झलक
बुहारूंगाझाड़ू लगाना (साफ़ करना)
बेड़ा पार होनाउद्धार होना या जीवन सफल हो जाना
गुम्बद-ए-ख़ज़रामदीना शरीफ़ में स्थित हुज़ूर ﷺ का पवित्र हरा गुम्बद

सारांश (Summary)

इस पावन नात का मूल सार यह है कि मदीना मुनव्वरा की सुहानी गलियों की धूल बनना और हुज़ूर ﷺ का दीदार पाना ही हर सच्चे आशिक़-ए-रसूल की जीवन की अंतिम इच्छा होती है। शायर कहता है कि जो व्यक्ति एक बार भी मदीने की पवित्र धरती पर चला जाता है, उसके सारे सांसारिक और पारलौकिक कष्ट मिट जाते हैं और उसका बेड़ा पार हो जाता है। अंत में शायर 'सज्जाद' अपने दिल की वर्षों पुरानी गहरी तमन्ना ज़ाहिर करते हुए अल्लाह से दुआ करते हैं कि हे मौला! मुझे मृत्यु से पूर्व कम से कम एक बार अपनी आँखों से उस पवित्र 'गुम्बद-ए-ख़ज़रा' (हरे गुम्बद) का मनमोहक नज़ारा देखना नसीब फ़रमा दे।

नात के मुताबिक, शायर की मुद्दत (लंबे समय) से क्या तमन्ना है और वह क्या देखना चाहता है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें