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खुश किस्मतों का देखो वो सरदार हो गया Lyrics In हिन्दी

(खुश किस्मतों का देखो वो सरदार हो गया, जिसको रसूल ए पाक का दीदार हो गया)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : खुश किस्मतों का देखो वो सरदार हो गया

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : असद इक़बाल कलकत्तावी

नातख्वान/कलाकार: असद इक़बाल कलकत्तावी

जोड़ा गया : 11 Sep, 2023 04:40 PM IST

बार देखा गया : 268

Time to read: 1 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

खुश किस्मतों का देखो वो सरदार हो गया,
जिसको रसूल ए पाक का दीदार हो गया

उस वक़्त से मैं रश्क ए गुहरबार हो गया,
दिल जबसे मुस्तफा का तलबगार हो गया

जिसने नबी के इश्क में खुद को मिटा दिया,
खुल्द ए बरी का देखो वो हकदार हो गया

फिरता है मारा मारा तू गुस्ताख़ ए मुस्तफा,
मेरे नबी का जबसे तू गद्दार हो गया

खुश किस्मतों का देखो वो सरदार हो गया,
जिसको रसूल ए पाक का दीदार हो गया

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह नात शरीफ़ हुज़ूर ﷺ की मोहब्बत को कामयाबी की कुंजी और उनके दीदार को दुनिया की सबसे बड़ी खुशकिस्मती बताती है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि जिस इंसान को नबी ﷺ का दीदार नसीब हो जाए, वह तमाम खुशकिस्मतों का सरदार बन जाता है। शायर कहता है कि जिसने अपनी हस्ती को हुज़ूर ﷺ के प्रेम में फना कर दिया, वास्तव में वही उच्च स्वर्ग (जन्नत) का अधिकारी बना है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
दीदारदर्शन (Vision/Sight)
रश्क-ए-गुहरबारजिस पर मोती भी ईर्ष्या करें (Envied by pearls)
तलबगारचाहने वाला या इच्छुक (Seeker)
खुल्द-ए-बरीऊँची जन्नत (The High Paradise)
गुस्ताख़अपमान करने वाला (Disrespectful)
गद्दारधोखेबाज़ या विद्रोही (Traitor)

सारांश (Summary)

इस कलाम का सार यह है कि नबी ﷺ की गुलामी और उनका दीदार ही इंसान के मुकद्दर को चमकाता है। जो व्यक्ति उनके इश्क में खुद को समर्पित कर देता है, उसके लिए जन्नत के रास्ते खुल जाते हैं, जबकि उनकी शान में गुस्ताखी करने वाला व्यक्ति दुनिया और आखिरत दोनों में अपमानित होकर भटकता रहता है।

शायर के मुताबिक, खुल्द-ए-बरी (जन्नत) का हकदार बनने के लिए इंसान को क्या करना चाहिए?

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