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कह दो कह दो मचल के सुब्हानअल्लाह Lyrics In हिन्दी

(कह दो कह दो मचल के सुब्हानअल्लाह, बोलो बोलो मचल के सुब्हानअल्लाह)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : कह दो कह दो मचल के सुब्हानअल्लाह

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 05 Dec, 2022 08:49 AM IST

बार देखा गया : 3.8K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
हाथ उठा करके कह दो —** सुब्हानअल्लाह!
सब मिल कर के बोलो — सुब्हानअल्लाह!
मैं पढ़ूँ नात-ए-पाक-ए-रसूल-अल्लाह ﷺ

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

या इलाही हो मेरी दुआ ये क़बूल,
या इलाही हो सबकी दुआ ये क़बूल।
हम भी बन जाएं आका ﷺ के क़दमों की धूल,
जब मरें तो ज़बान पे हो — "ला इलाहा इल्लल्लाह"।

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

एक हिरनी को जिस दम लिया था फँसा,
फ़ज़्ल-ए-हक़, फ़ैज़ से हो गई वो रिहा।
जब कहा — “अलमदद या रसूलअल्लाह ﷺ”!

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

लहलहाने लगे हर तरफ़ खेतियाँ,
कोई भूखा रहेगा न प्यासा यहाँ।
आ गए अब जहाँ में — हबीबुल्लाह ﷺ!

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

हम भी जाएँ फिर क़ाबिले एहतिराम,
हमको मिल जाए जन्नत में आला मुक़ाम।
नात सुन के वो कह दे — "जज़ाकअल्लाह!"

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

गौसे आज़म ने सज्जाद ऐसा किया,
एक इशारे से मुर्दे को ज़िंदा किया।
सिर्फ़ इतना कहा — "कुम बि इज़्निल्लाह!"

कह दो कह दो मचल के — सुब्हानअल्लाह!
बोलो बोलो मचल के — सुब्हानअल्लाह!

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह नात-ए-पाक नबी करीम ﷺ की आमद की बरकतें, उनके मोजिज़े (चमत्कार) और उनके सदके में मिली अल्लाह की रहमतों का बयान है, जिसमें महफ़िल में मौजूद लोगों को जोश के साथ 'सुब्हानअल्लाह' कहने की दावत दी गई है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इस कलाम का मतलब है कि हुज़ूर ﷺ के इस दुनिया में तशरीफ़ लाने से हर तरफ़ ख़ुशहाली छा गई है और मुसीबत के वक़्त उनको पुकारने से हिरनी जैसी बेज़ुबान मख़लूक़ को भी आज़ादी मिली। शायर दुआ करता है कि जब वो नबी ﷺ की नात पढ़े तो पूरी महफ़िल झूम उठे और ख़ातमा (मौत) ईमान पर हो, यानी ज़ुबान पर कलमा शरीफ़ जारी रहे।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
मचल के (Machal Ke)जोश या दीवानगी के साथ (With passion/excitement)
फ़ज़्ल-ए-हक़ (Fazle Haq)अल्लाह की कृपा / ईश्वर का फ़ज़्ल
रिहा (Riha)आज़ाद / बन्धनमुक्त (Released)
अलमदद (Almadad)सहायता कीजिए / मदद कीजिए (Help me)
हबीबुल्लाह (Habib Ullah)अल्लाह के प्यारे / हुज़ूर ﷺ (Beloved of Allah)
क़ाबिले एहतिराम (Kabile Ehtram)आदरणीय या इज़्ज़त के क़ाबिल (Worthy of respect)
आला मुक़ाम (Aala Makam)ऊँचा स्थान या बुलंद मर्तबा (High status)
जज़ाकअल्लाह (Jazakallah)अल्लाह आपको इसका अच्छा बदला दे
कुम बि इज़्निल्लाह (Kumbeiznillah)अल्लाह के हुक्म से खड़े हो जाओ

सारांश (Summary)

शायर 'सज्जाद' इस नात में बयां करते हैं कि हुज़ूर ﷺ की आमद पूरी दुनिया के लिए रहमत का सबब है जिससे भूख और प्यास का ख़ात्मा हुआ। उन्होंने अल्लाह के वली 'गौस-ए-आज़म' के उस चमत्कार का भी ज़िक्र किया है जहाँ उन्होंने अल्लाह के हुक्म से मुर्दे को ज़िंदा किया था; अंत में शायर दुआ करता है कि नबी ﷺ की नात के सदके में हम सबको जन्नत में ऊँचा मुक़ाम हासिल हो।

नात के मुताबिक गौस-ए-आजम ने मुर्दे को क्या कहकर ज़िंदा किया था, और शायर ने मौत के वक्त ज़ुबान पर क्या होने की दुआ की है?

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