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आंखों का तारा नाम ए मोहम्मद ﷺ Lyrics In हिन्दी

(आंखों का तारा नाम ए मोहम्मद ﷺ, दिल का उजाला नाम ए मोहम्मद ﷺ)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : आंखों का तारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

जोड़ा गया : 10 Jun, 2023 04:01 AM IST

बार देखा गया : 959

Time to read: 3 min read

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आंखों का तारा नाम ए मोहम्मद ﷺ
दिल का उजाला नाम ए मोहम्मद ﷺ

अल्लाहु अकबर रब्बुल उला ने,
हर शै पे लिख्खा नाम ए मोहम्मद ﷺ

हैं यूं तो कसरत से नाम लेकिन,
सब से है प्यारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

दौलत जो चाहो दोनों जहां की,
करलो वाजिफा नाम ए मोहम्मद ﷺ

शैदा न क्यों हो इस पर मुसलमां,
रब को है प्यारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

अल्लाह वाला दम में बना दे,
अल्लाह वाला नाम ए मोहम्मद ﷺ

सल्ले अला का सेहरा सजा कर,
दुल्हा बनाया नाम ए मोहम्मद ﷺ

नूहो खलीलो ईसा व मूसा,
सब का आक़ा नाम ए मोहम्मद ﷺ

सारे चमन में लाखों गुलों में,
गुल है हज़ारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

पाई मुरादें दोनों जहां की,
जिसने पुकारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

दोनों जहां में दुनियाओं दीं में,
है एक वजीफा नाम ए मोहम्मद ﷺ

मोमिन को क्यों हो खतरा कहीं पर,
दिल पर है कंदा नाम ए मोहम्मद ﷺ

रख्खो लहद में जिस दम अज़ीजों,
मुझ को सुनाना नाम ए मोहम्मद ﷺ

पढ़ती दुरूदे दौड़ी की हूरे,
लाशा जो लेगा नाम ए मोहम्मद ﷺ

रोज़ ए क़यामत मिज़ानो पुल पर,
देगा सहारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

पूछेगा मौला लाया है क्या क्या,
मैं ये कहूंगा नाम ए मोहम्मद ﷺ

गम की घटाएं छाईं हैं सर पर,
कर दे इशारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

रंजो अलम में है नाम लेवा,
कर दे इशारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

ज़ख्मी जिगर पर मजरूह दिल पर,
मरहम लगा जा नाम ए मोहम्मद ﷺ

बेड़ा तबाही में आ गया है ,
दे दे सहारा नाम ए मोहम्मद ﷺ

दिल में अदावत खर के भरी है,
नज्दी ना लेगा नाम ए मोहम्मद ﷺ

अपने रज़ा पे कुर्बान जाऊं,
जिसने सिखाया नाम ए मोहम्मद ﷺ

आंखों में आ कर दिल में समा कर,
रंगत रचा जा नाम ए मोहम्मद ﷺ

अपने जमील ए रज़वी के दिल में,
आ जा समा जा नाम ए मोहम्मद ﷺ

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह एक अत्यंत लोकप्रिय और रूहानी नात-ए-पाक है। इसमें पैग़ंबर मुहम्मद ﷺ के पवित्र नाम की महानता, बरकत और दोनों जहानों (दुनिया और परलोक) में मिलने वाले उसके रूहानी फायदों को बहुत ही सरल और सुंदर ढंग से बयां किया गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि मुहम्मद ﷺ का नाम हमारी आँखों का नूर और दिलों का उजाला है, जिसे स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर (रब्बुल उला) ने संसार की हर वस्तु पर अंकित किया है। जो कोई भी इस पवित्र नाम को सच्चे दिल से पुकारता है, वह दोनों जहानों की खुशियाँ पा लेता है; यहाँ तक कि मृत्यु के बाद कब्र में और प्रलय के दिन (क़यामत) भी यही नाम मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा बनता है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
रब्बुल उलासबसे बुलंद रब (अल्लाह)
शैवस्तु / चीज़
कसरतअधिकता / बहुत ज़्यादा संख्या में
कंदाखुदा हुआ / अंकित या लिखा हुआ
लहदकब्र (मज़ार)
मिज़ान ओ पुलक़यामत के दिन कर्मों को तोलने का तराजू और पुल-सिरात
मजरूहघायल / ज़ख्मी दिल

सारांश (Summary)

इस सुंदर नात का मुख्य सार यह है कि हज़रत मुहम्मद ﷺ का नाम संसार के सभी पैग़ंबरों (नूह, इब्राहिम, मूसा, ईसा) के आक़ा का नाम है और यह हर दुख, रंज और मुसीबत की अचूक दवा है। शायर (जमील रज़वी) अपने करीबियों से वसीयत करता है कि जब मुझे कब्र (लहद) में उतारा जाए, तो मुझे हुज़ूर ﷺ का नाम सुनाना क्योंकि यह नाम तबाही से बचाता है। अंत में, शायर अपने गुरु आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान का शुक्रिया अदा करता है, जिन्होंने भक्तों को इस मुक़द्दस नाम से सच्ची मोहब्बत करना सिखाया।

लिरिक्स के मुताबिक, रोज़-ए-क़यामत (प्रलय के दिन) पर इंसान को कौन सी दो जगहों पर नबी ﷺ का नाम सहारा देगा?

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