search
लॉग इन

सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार Lyrics In हिन्दी

(सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार, वादी वादी बस्ती बस्ती दीवानों का नारा)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी

जोड़ा गया : 04 Sep, 2025 09:15 PM IST

बार देखा गया : 91

Time to read: 3 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

वादी वादी बस्ती बस्ती दीवानों का नारा,
सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार।

सानी ना कोई मेरे सोहणे नबी लाजपाल दा,
लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार,
सोहणा आया ते सज गए ने गलियां बाज़ार।

शाना'आं ओढ़ीयां उचियां ते रुतबा कमाल दा,
लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

क्यों ना सोहणे दियां सिफ़्तां करां मैं,
दम दम ओधा क्यों ना ज़िक्र करां मैं,
रब ने बनाया ओधा रुतबा कलम दा,
लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा।
आका की आमद मरहबा, डाटा की आमद मरहबा।
सोहणे की आमद मरहबा, प्यारे की आमद मरहबा।
सब झूम झूम के मरहबा, लब चूम चूम के मरहबा।

मेरा ते ईमान ए तुसी मेरे कौल हो,
आप ही रब दे आखरी रसूल हो,
रब ने बनाया नहीं कोई तेरे नाल दा,
मैं लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

ऐदा सोहणा नबी कोई दुनिया ते आया नहीं,
यार ऐहो जया कोई रब ने बनाया नहीं,
दीद मेरे नबी दी ए रब दा नज़ारा।

कर के इशारा सोहणा सूरज नूं मोड़दा,
आपे चांद तोड़दा ते आपे चांद जोड़दा,
बिगड़ी बनावे मेरे नबी दा इशारा।

देंदे ने गवाही ज़र्रे ज़र्रे कोहे तूर दे,
वेखदे नसीबां वाले जलवे हुज़ूर दे,
चौदवीं दा चांद ते अर्शां दा तारा।

कहंदी ए हलीमा मुख वेख लाजपाल दे,
मैं लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

नूरी नूरी चेहरा ते ज़ुल्फां ने कालियां,
सोहणा उचचा सीना ते अखियां ने प्यारियां,
शाना'आं ओढ़ीयां उचियां ते रुतबा कमाल दा,
लब के लियावां कित्थों सोहणा तेरे नाल दा।

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह प्रसिद्ध पंजाबी नात हुज़ूर (स.अ.व) के मिलाद (जन्म) की खुशी और उनके बेमिसाल हुस्न ओ जमाल का एक खूबसूरत नज़राना है। इसमें आशिक़ों के उस जज़्बे को दिखाया गया है जो अपने नबी के आने पर गलियों और बाज़ारों को सजाकर अपनी खुशी ज़ाहिर करते हैं।

Lyrics Explanation

इन पंक्तियों का मुख्य उद्देश्य नबी (स.अ.व) की अज़मत और उनके जैसा कोई दूसरा न होने की हकीकत को बयान करना है। कलाम में उनके मोजज़ों (चमत्कारों), जैसे सूरज को मोड़ना और चाँद के टुकड़े करने का ज़िक्र करके यह बताया गया है कि सारी कायनात उनके इशारों पर चलती है और उनकी दीद (दर्शन) ही रब का नज़ारा है।

Word Meanings (शब्द-अर्थ)

WordMeaning (Hindi/English)
सोहणासुंदर / मनमोहक (Beautiful)
लाजपाललाज रखने वाला / रक्षक (Protector of Honor)
सानीसमान / बराबरी का (Equal/Match)
लब केढूँढ कर (By searching)
कित्थोंकहाँ से (From where)
आमदआगमन / आना (Arrival)
सिफ़्तांतारीफें / गुणगान (Praises)
अर्शांआसमानों / फलक (Heavens)

Summary (सार)

इस कलाम का सार यह है कि अल्लाह तआला ने नबी-ए-करीम (स.अ.व) जैसा हसीन और ऊँचे रुतबे वाला व्यक्तित्व न कभी बनाया है और न कभी दुनिया में आएगा। उनकी पैदाइश पर पूरी दुनिया को सजाया जाता है क्योंकि वे खुदा के आखिरी रसूल और महबूब हैं। हलीमा दाई से लेकर कोह-ए-तूर का ज़र्रा-ज़र्रा उनकी गवाही देता है, और उनकी एक झलक पाना ही मोमिन के लिए सबसे बड़ी खुशकिस्मती है।

नात के आखिरी बंद (पद) में हुज़ूर ﷺ के "नूरी चेहरे" और "ज़ुल्फ़ां" (बालों) के साथ उनके सीने और आँखों की क्या खूबी बयान की गई है?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर: