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सल्ले 'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं Lyrics In हिन्दी

(सल्ले-'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं, उठो, ऐ बे-सहारो ! सरकार आ रहे हैं)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : सल्ले-'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : अल्लामा निसार अली उजागर

नातख्वान/कलाकार: ओवैस रज़ा कादरी

जोड़ा गया : 18 Aug, 2023 03:41 PM IST

बार देखा गया : 1.1K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

सल्ले-'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं
उठो, ऐ बे-सहारो ! सरकार आ रहे हैं

मौलूद की घड़ी है, चलो आमिना के घर पर
ऐ ख़ुल्द की बहारो ! सरकार आ रहे हैं

जो माँगना है माँगो, जो लेना है सो ले लो
दुनिया के ताजदारो ! सरकार आ रहे हैं

सरकार-ए-दो-जहाँ की ता'ज़ीम लाज़िमी है
झुक जाओ, चाँद-तारो ! सरकार आ रहे हैं

जन्नत के दर खुले हैं, रहमत बरस रही है
क्या ग़म है, ग़म के मारो ! सरकार आ रहे हैं

घर आमिना दे हो गई आमद हुज़ूर दी
वेखण फ़रिश्ते आप दा रुख़्सार आ गए

सारे गुनाहगाराँ दी अज 'ईद हो गई
रब दे पियारे, उम्मत दे ग़म-ख़्वार आ गए

ख़ुशियाँ दा वेला आ गया, ग़म दूर हो गए
दुखियाँ दिलाँ दे चैन ते क़रार आ गए

भर लो करम नाल झोलियाँ, आ जाओ मँगतेयो !
रहमत लुटावण दो-जग दे मुख़्तार आ गए

सल्ले-'अला पुकारो, सरकार आ रहे हैं
उठो, ऐ बे-सहारो ! सरकार आ रहे हैं

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह नात शरीफ़ हुज़ूर ﷺ की विलादत (जन्म) की ख़ुशी और उनकी अज़मत का एक ख़ूबसूरत मंज़र है। इसमें बताया गया है कि नबी पाक ﷺ की आमद बे-सहारों के लिए सहारा और गुनहगारों के लिए बख़्शिश का पैग़ाम लेकर आई है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि हुज़ूर ﷺ के आने की घड़ी है, इसलिए ऐ दुनिया के कमज़ोर लोगों और दुनिया के राजाओं! सब खड़े हो जाओ और 'सल्ले-अला' पुकारो। उनके आने से जन्नत के दरवाज़े खुल गए हैं और चाँद-तारे भी उनके सम्मान में झुक रहे हैं क्योंकि पूरी कायनात का मालिक तशरीफ़ ला रहा है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (हिंदी / English)
सल्ले-'अलाउन पर दुरूद (ईश्वर की कृपा) हो / Blessings upon him
ख़ुल्दस्वर्ग या जन्नत / Paradise
ताजदारोराजाओं या बादशाहों / Kings
ता'ज़ीमआदर या सम्मान / Respect
रुख़्सारचेहरा या गाल / Face or Cheeks
मुख़्तारअधिकार रखने वाला या मालिक / Authority

सारांश (Summary)

हुज़ूर ﷺ के आने से ग़म दूर हो गए और दुखते दिलों को चैन मिल गया है। शायर कहता है कि आमिना के लाल की एक झलक देखने के लिए फ़रिश्ते भी आ गए हैं। यह वह वक़्त है जब हर माँगने वाले (मंगते) की झोली भर दी जाएगी क्योंकि दोनों जहान के मुख़्तार ﷺ अपनी रहमत लुटाने तशरीफ़ ले आए हैं।

शायर ने 'दुनिया के ताजदारों' और 'चाँद-तारों' से क्या करने को कहा है?

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