search
लॉग इन
Get latest updates On WhatsApp

नज़र को बक्श दो ऐसा असर गरीब नवाज़ Lyrics In हिन्दी

(नज़र को बक्श दो ऐसा असर गरीब नवाज़, नज़र उठाऊ तो आओ नज़र गरीब नवाज़)


Written By

avatar
Shan E Nabi Team Desk
  • Editors Desk
  • Addednot available
  • visibilityबार देखा गया
  • comment टिप्पणियाँ
  • thumb_up0 likes
  • shareशेयर
...

टाइटल : नज़र को बक्श दो ऐसा असर गरीब नवाज़

श्रेणी (कटेगरी) : कव्वाली के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : अनीस नवाब

नातख्वान/कलाकार: अनीस नवाब

जोड़ा गया : 11 Jan, 2023 12:49 PM IST

बार देखा गया : 1K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

नज़र को बक्श दो ऐसा असर गरीब नवाज़
नज़र उठाऊ तो आओ नज़र गरीब नवाज़

मोइनूद्दीन ख्वाजा, ख्वाजा महाराजा, मोइनूद्दीन ख्वाजा

गरीब जाये तो जाये किधर गरीब नवाज़
तुम्हारा दर है मुहम्मद का दर गरीब नवाज़


मोइनूद्दीन ख्वाजा....

वहीं मदद के लिए आएंगे मोइनूद्दीन
लबों पे आगया तेरे अगर गरीब नवाज़

मोइनूद्दीन ख्वाजा....

नज़र हो जिस पे तेरी उसका पूछना ही क्या
तेरी नज़र है नबी की नज़र गरीब नवाज़

मोइनूद्दीन ख्वाजा....


मैं पुल सिरात से गुज़रू तो इस तरह गुज़रू
इधर हो गौस पिया और इधर गरीब नवाज़

मोइनूद्दीन ख्वाजा....

रसूल ऐ पाक ने इस हिन्द को दुआ दी है
बसा है जब से तुम्हारा नगर गरीब नवाज़

मोइनूद्दीन ख्वाजा....

पढ़ाया आपने लाखों को राह में कलमा
किया मदीने से ऐसा सफर गरीब नवाज़


मोइनूद्दीन ख्वाजा, ख्वाजा महाराजा, मोइनूद्दीन ख्वाजा
ख्वाजा महाराजा, मोइनूद्दीन ख्वाजा, हिन्द के राजा, मोइनूद्दीन ख्वाजा....

wand_stars
Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

keyboard_arrow_down

यह सूफ़ी कव्वाली अजमेर शरीफ़ के महान संत हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (ग़रीब नवाज़) की बारगाह में लिखी गई एक बेहद रूहानी और मशहूर मनक़बत है। इसमें ख़्वाजा पिया की अज़मत, उनके चमत्कारी सफ़र और उम्मत पर उनके रूहानी एहसानों को बड़ी अक़ीदत के साथ पेश किया गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि "हे ग़रीब नवाज़! मेरी आँखों को ऐसी रूहानी दृष्टि दे दीजिए कि मैं जहाँ भी नज़र उठाऊँ, मुझे केवल आपका ही दीदार हो।" शायर कहता है कि दुनिया के ठुकराए हुए ग़रीब लोग भला आपके दर के सिवा और कहाँ जाएँ, क्योंकि आपका दरबार कोई साधारण दरबार नहीं बल्कि साक्षात हमारे आक़ा मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ का ही दरबार है।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दहिंदी अर्थ (Meaning)
बक्श दो / असरप्रदान करना (दान करना) / प्रभाव या ताक़त
ग़रीब नवाज़दीन-दुखियों और ग़रीबों पर कृपा करने वाला
पुल सिरातपरलोक (क़यामत) का वह बारीक रास्ता या पुल जिससे सबको गुज़रना है
गौस पियाहज़रत शेख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी (ग़ौस-ए-आज़म)
हिन्द / नगरहिंदुस्तान (भारत) / शहर (यहाँ मुराद अजमेर शरीफ़ से है)
कलमाइस्लाम का मूल पवित्र वाक्य (एकेश्वरवाद की गवाही)

सारांश (Summary)

इस मुक़द्दस सूफ़ी कलाम का मूल सार यह है कि ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की कृपादृष्टि वास्तव में नबी ﷺ की ही नज़र का अक्स है, जिसने मदीना मुनव्वरा से हिंदुस्तान का ऐतिहासिक सफ़र तय किया और यहाँ लाखों भटके हुए लोगों को सत्य (कलमा) का रास्ता दिखाया। शायर कहता है कि जब से अजमेर की पावन धरती पर ख़्वाजा का नगर बसा है, तब से पूरे हिंदुस्तान को रसूल-ए-पाक ﷺ की विशेष दुआ मिली हुई है। एक मुरीद को अपने गुरु पर इतना अटूट विश्वास है कि वह प्रार्थना करता है कि परलोक में जब वह कठिन 'पुल सिरात' से गुज़रे, तो एक तरफ़ मदद के लिए बग़दाद के शाह 'गौस पिया' खड़े हों और दूसरी तरफ़ स्वयं 'ग़रीब नवाज़' उसका हाथ थामे हुए हों।

लिरिक्स के मुताबिक, ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ ने लाखों लोगों को सीधा रास्ता (कलमा) दिखाने के लिए कहाँ से सफ़र किया था?

Read more ↓
Was this page helpful?
शेयर:

प्रसिद्ध कलाकार/गीतकार

सभी देखें