मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Mein
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात
नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात
जोड़ा गया : 03 Aug, 2023 08:46 AM IST
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Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Mein
Bus Isi Baat Se Ghar Mein Mere Rahmat Hogi
Ek Tera Naam Wasila Hai Mera
Ranjo Gum Mein Bhi Isi Naam Se Rahat Hogi
Yeh Suna Hai Ki Bahut Ghaur Andhera Hoga
Qabr Ka Khauf Na Rakhna Aaye Dil
Wahan Sarkare Do Alam Ki Ziyarat Hogi
Kabhi Yaseen Kabhi Taaha Kabhi Wallail Aaya
Jis Ki Qasmen Mera Rab Khata Hai
Kitni Dil Kash Mere Mahboob Ki Surat Hogi
Hashr Ka Din Bhi Ajab Dekhne Wala Hoga
Zulfe Lehra Ke Wo Jab Aayenge
Phir Qayamat Pe Bhi Ek Aur Qayamat Hogi
Unko Mukhtar Banaya Hai Mere Allah Ne
Khuld Mein Bus Wahi Ja Sakta Hai
Jisko Hasnain Ke Nana Ki Ijazat Hogi
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यह अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण नात-ए-पाक हुज़ूर पैग़ंबर मुहम्मद ﷺ की महिमा, उनके नाम की बरकत और परलोक (क़ब्र और महशर) में उनकी शफ़ाअत (सहायता) पर अटूट विश्वास को दर्शाती है।
इन पंक्तियों का अर्थ है कि मैं अपने आक़ा ﷺ की नात पढ़ता हूँ और मुझे पूर्ण विश्वास है कि इसी भक्ति के कारण मेरे घर में ईश्वर की दया बरसेगी। शायर कहता है कि ऐ दिल! क़ब्र के घने अंधकार से बिल्कुल मत डरना, क्योंकि वहाँ दोनों जहानों के मालिक हुज़ूर ﷺ का पवित्र दीदार (ज़ियारत) नसीब होगा।
| शब्द (Word) | अर्थ (Meaning) |
|---|---|
| वसीला | माध्यम / सहारा |
| रंज-ओ-ग़म | दुःख और मुसीबत |
| सरकार-ए-दो आलम | दोनों जहानों के राजा (हुज़ूर ﷺ) |
| ज़ियारत | पवित्र दर्शन / दीदार |
| दिलकश | मनमोहक / अत्यंत सुंदर |
| मुख्तार | अधिकार रखने वाला / मालिक |
| ख़ुल्द | स्वर्ग / जन्नत |
| हसनैन के नाना | इमाम हसन और हुसैन के नाना (हुज़ूर ﷺ) |
इस नात शरीफ़ का मुख्य सार यह है कि नबी ﷺ का नाम हर दुःख में राहत देने वाला है और उनका सौंदर्य ऐसा लाजवाब है जिसकी क़समें स्वयं ईश्वर ने क़ुरआन में खाई हैं। अल्लाह ने अपने महबूब को जन्नत और बख़्शिश का पूरा अधिकार (मुख्तार) दिया है, इसलिए न्याय के दिन (क़यामत) स्वर्ग में केवल वही प्रवेश कर सकेगा जिसे हसनैन के नाना ﷺ की अनुमति प्राप्त होगी।
लिरिक्स के मुताबिक, ख़ुल्द (जन्नत) में जाने के लिए किस की इजाज़त का होना ज़रूरी बताया गया है?