اندھیری رات ہے غم کی گھٹا عصیاں کی کالی ہے
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टाइटल : Mere Husain Tujhe Salam
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : अरशद रज़ा कादरी अमरोहवी विविध/अज्ञात
नातख्वान/कलाकार: अरशद रज़ा कादरी अमरोहवी हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी नदीम रज़ा क़ुरैशी (पीलीभीती) ओवैस रज़ा कादरी सज्जाद निज़ामी (मरहूम)
जोड़ा गया : 28 Jul, 2023 07:26 AM IST
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मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन
कर लिया नोश जिस ने शहादत का जाम,
उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन
जिस को धोके से कूफ़े बुलाया गया,
जिस को बैठे-बिठाए सताया गया,
जिस के भाई को ज़हर पिलाया गया,
जिस के बच्चों को प्यासा रुलाया गया,
उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन
जिन का जन्नत से जोड़ा मँगाया गया,
जिन को दोश-ए-नबी पर बिठाया गया,
जिन की गर्दन पे ख़ंजर चलाया गया,
जिन को तीरों से छलनी कराया गया,
उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन
जिस ने हक़ कर्बला में अदा कर दिया,
अपने नाना का वा'दा वफ़ा कर दिया,
सब कुछ उम्मत की ख़ातिर फ़िदा कर दिया,
घर का घर ही सुपुर्द-ए-ख़ुदा कर दिया,
उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन
कर चुका वो हबीब अपनी हुज्जत तमाम,
ले के अल्लाह और अपने नाना का नाम,
कूफ़ियों को सुनाए ख़ुदा के कलाम,
और फ़िदा हो गया शाह-ए-'आली-मक़ाम,
उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम,
मेरे हुसैन तुझे सलाम
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन,
अस्सलाम या हुसैन