मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : Alwida Aye Mahe Ramzan Teri Azmat Ko Salam
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात
नातख्वान/कलाकार: अल्ताफ हसन नूरानी बनारसी शारिक रज़ा जामी विविध/अज्ञात
जोड़ा गया : 20 Apr, 2023 10:20 AM IST
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अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम
तू जो आया साथ लाया आसमान से राहमतें
तेरे सदके जो मिली हर एक नैमत को सलाम
अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम
इस महीने में मिल है हमको कुरान ऐ अज़ीम
इस महीने के सभी लमहात रहमत को सलाम
अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम
फ़तह मक्का बीस रमज़ान उल मुबारक को मिली
फ़तह मक्का के चेहरों की मससरत को सलाम
अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम
रोज़ा रख कर आटा पीसे हाथों में छाले पड़े
फातिमा ज़ोहरा की पाकीज़ा मसक्कत को सलाम
अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम
अलविदा ऐ माहे रमज़ान तेरी अज़मत को सलाम