मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
- 1 دن پہلے fiber_manual_record 78 بار دیکھا گیا
,
عنوان: Ramzan Aagaya Khuda Ka Inaam Aagaya
زمرہ: نعت کے بول (لیرکس)
مصنف/گیتکار: رضوان احمد محبوبی
نعت خوان/ فنکار: رضوان احمد محبوبی
شامل کیا گیا: 24 Mar, 2023 02:40 AM IST
دیکھا گیا: 219
Time to read: 1 min read
translate بول کی زبان منتخب کریں:
हम पर खुदा ऐ ताला का इनाम आगया,
रमजान आगया, अरे रमजान आगया
जन्नत का दर खुला और जहन्नम का हुआ बंद,
हो जो खुश खुदा का यह फरमान आगया
रमजान आगया, अरे रमजान आगया
नफ्ले बराबर फ़र्ज़ के तो सत्तर गुनाह है फ़र्ज़,
बरकत खुद का लेके महे जीशान आगया
रमजान आगया, अरे रमजान आगया
नैमत खिलाए खूब हमको बदल बदल,
खुआ चल के पास अपने वो मेहमान आगया
रमजान आगया, अरे रमजान आगया
नज़रे उठाओ जिस तरफ रहमत है चार सु,
ऐ रिजवान रब का तुझपे फैज़ान आगया
रमजान आगया, अरे रमजान आगया
रमजान आगया, अरे रमजान आगया