मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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عنوان: Noori Mehfil Pe Chadar Tani Noor Ki
زمرہ: کلام کے بول (لیرکس) نعت کے بول (لیرکس)
مصنف/گیتکار: مختلف/نامعلوم
نعت خوان/ فنکار: لائبہ فاطمہ
شامل کیا گیا: 25 Feb, 2024 06:29 AM IST
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नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
फर्श पर धूम है, अर्श पर धूम है
कम-नसीबी है उस की जो महरूम है
फिर मिलेगी ये शब किस को मालूम है
हम पे लुत्फ़े ख़ुदा आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
मोमिनो आज गंजे-सख़ा लूट लो
लूट लो ऐ मरीज़ो ! शिफ़ा लूट लो
आसियो रहमते मुस्तफ़ा लूट लो
बाब-ए-रहमत खुला आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
अब्रे रहमत हैं महफ़िल पे छाए हुवे
आसमां से मलाइक हैं आए हुवे
खुद मुहम्मद हैं तशरीफ़ लाए हुवे
किस कदर जां-फ़िज़ा आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
मांग लो मांग लो चश्मे-तर मांग लो
दर्दे-दिल और हुस्ने-नज़र मांग लो
सब्ज़ गुम्बद के साए में घर मांग लो
मांगने का मज़ा आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
इस तरफ नूर है, उस तरफ नूर है
सारा आलम मुसर्रत से मा'मूर है
जिस को देखो वही आज मसरूर है
महक उठी फ़ज़ा आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है
वक्त लाए ख़ुदा सब मदीने चलें
लूटने रहमतों के ख़ज़ीने चलें
सब के मंज़िल की जानिब सफ़ीने चलें
मेरी साइम दुआ आज की रात है
नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर की
नूर फ़ैला हुवा आज की रात है
चाँदनी में हैं डूबे हुवे दो जहां
कौन जल्वा-नुमा आज की रात है