मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : Taiba Bulana Aaqa
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : सज्जाद निज़ामी (मरहूम)
नातख्वान/कलाकार: सज्जाद निज़ामी (मरहूम)
जोड़ा गया : 20 Mar, 2023 01:23 PM IST
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तैबा बुलाना आक़ा, तैबा बुलाना आक़ा
तैबा बुला के दिल की हसरत मिटाना
तैबा बुलाना आक़ा, तैबा बुलाना....
सुबह और शम लूँगा तेरा पयार नाम लूँगा,
कब्र में आक़ा तेरे दामन को थाम लूँगा,
तो ऐसी घड़ी में रुख से परदा हटाना,
जलवा दिखाना आक़ा, जलवा दिखाना....
तेरा जब दीदार होगा दिल को करार होगा,
तेरे ही करम से आक़ा बेड़ा सबका पार होगा,
आऐब हमारे अपने दामन में छुपाना,
बकशीश कराना आक़ा, बकशीश कराना....
तैबा बुलाना आक़ा, तैबा बुलाना आक़ा
रहमत है नूर है, कैफ है, सुरूर है,
जलसे में देखो यारों जलवाए हुज़ूर है,
नूरानी जलसा है यह कितना सुहाना,
नबी का दीवाना सब है नबी का दीवाना,
नबी का दीवाना सब है नबी का दीवाना
या इलाही मेरी यह, यह इलाही सबकी यह इलतेजा कबूल हो,
सबकी लहद में यारों जलवाए रसूल हो,
तो देखूँगा जी भर के उनका मुसकुराना,
अपना बनाना आक़ा, अपना बनाना आक़ा,
अपना बनाना आक़ा, अपना बनाना आक़ा