मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
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टाइटल : नज़र उठा के देख लो जमाल लाजवाब है
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : असद इक़बाल कलकत्तावी
नातख्वान/कलाकार: असद इक़बाल कलकत्तावी
जोड़ा गया : 24 Sep, 2022 12:42 PM IST
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नज़र उठा के देख लो जमाल लाजवाब है,
मदीना तूर रसूल का खयाल लाजवाब है,
नज़र उठा के देख लो जमाल लाजवाब है
सवाल यह के बदरिया हिलाल लाजवाब है,
जवाब यह के आमीना का लाल लाजवाब है
मेरे नबी की हर अदा है नुक्त ऐ उरुज पर,
कमाल यह के उनका हर कमाल लाजवाब है
यह वासलों हिजर दोनों इश्क ऐ अहमदी के रूप है,
अवैस बेमिसाल है बेलाल लाजवाब है
जिसे नबी ने कर दिया हराम वो हराम है,
जिसे हलाल कह दिया हलाल लाजवाब है
लब ऐ नबी पे हर घड़ी है रब्बे हबली उम्मती,
खुदा की बारगाह में सवाल लाजवाब है
जो अहल ऐ बैते असल है वही तो नूरी नस्ल है,
हस्ब नसब में मुस्तफा की आल लाजवाब है
सवाल यह के बदरिया हिलाल लाजवाब है,
जवाब यह के आमीना का लाल लाजवाब है
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यह सुप्रसिद्ध और रूहानी नात शरीफ़ प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ के अद्वितीय सौंदर्य, उनकी सर्वोच्च धार्मिक सत्ता और उनके पवित्र परिवार (अहले-बैत) की महानता का एक लाजवाब वर्णन है।
इन पंक्तियों का अर्थ है कि यदि तुम दृष्टि उठाकर देखोगे तो मेरे आका ﷺ का रूप और सौंदर्य सबसे बेमिसाल नज़र आएगा। यदि संसार यह प्रश्न करे कि पूर्णमासी का चाँद (हिलाल) अधिक सुंदर है या कोई और वस्तु, तो उसका सच्चा उत्तर यही है कि हज़रत आमीना के लाल यानी हुज़ूर ﷺ का सौंदर्य सबसे उत्तम है। हमारे नबी की हर एक शैली और विशेषता श्रेष्ठता के अंतिम शिखर (नुक्ता-ए-उरुज) पर है।
| शब्द | अर्थ (Hindi) |
|---|---|
| जमाल | सौंदर्य / अनुपम सुंदरता |
| बदरिया हिलाल | पूर्णमासी का चाँद / नया चाँद |
| नुक्ता-ए-उरुज | उन्नति या बुलंदी का अंतिम बिंदु / सर्वोच्च शिखर |
| वासल-ओ-हिज्र | मिलन और जुदाई |
| रब्बे हबली उम्मती | "हे मेरे रब! मेरी उम्मत को बख्श दे" (हुज़ूर ﷺ की प्रार्थना) |
| हस्ब नसब | खानदान और वंश परंपरा / कुलीनता |
कवि कहता है कि हज़रत उवैस क़रनी (र.अ.) की जुदाई (हिज्र) और हज़रत बिलाल (र.अ.) का मिलन (वासल) दोनों ही इश्क़-ए-रसूल के दो अद्भुत रूप हैं। ईश्वर ने अपने नबी को यह अधिकार दिया है कि उनका हलाल और हराम घोषित करना ही अंतिम सत्य है। सबसे सुंदर बात यह है कि हुज़ूर ﷺ के होठों पर हर समय अपनी उम्मत की भलाई की दुआ रहती है, और उनका वंश (आल-ए-नबी) खानदानी प्रतिष्ठा में पूरी दुनिया में सबसे श्रेष्ठ और लाजवाब है।
नात के अनुसार, लबे नबी (हुज़ूर के होंठों) पर हर घड़ी अपनी उम्मत के लिए कौन सा लावाब सवाल या दुआ रहती है?