नबी को बुलाना फ़लक से भी ऊपर
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टाइटल : Nana Ke Laad Pyar Ka Aisa Sila Diya
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : ताहिर रज़ा रामपुरी
नातख्वान/कलाकार: ताहिर रज़ा रामपुरी
जोड़ा गया : 26 Sep, 2022 02:59 PM IST
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नाना के लाड़ प्यार का ऐसा सिला दिया
गर्दन कटा के दीन का रुतबा बढ़ा दिया।
देकर लहू का एक-एक क़तरा हुसैन ने
कर्बो बला के ज़र्रों को तारा बना दिया।
क्यों आक़िबत का तुझको न आया ज़रा ख्याल
क्या सोंच के हुसैन पे खंजर चला दिया।
प्यारे नबी के दीन पर ज़ैनब ने क़ीमती
अपना अजी़ज़े जान वो हीरा लुटा दिया।
ताहिर सलाम करता है अपने हुसैन को
दीने नबी के वासते सब कुछ लुटा दिया।