मेरे सरकार आए
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टाइटल : मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं है
श्रेणी (कटेगरी) : कव्वाली के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : मुराद आतिश
नातख्वान/कलाकार: मुराद आतिश
जोड़ा गया : 10 Nov, 2022 01:19 PM IST
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चरागों के सफर में दबदबा हो आंधीयों का,
अंजाम ज़ुल्मत के सीवा कुछ भी नहीं,
यह दुनिया नफ़रतों के आखरी स्टेज पे है,
इलाज इसका मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं
परिंदा खुद को तोलता है,
उड़ानों के लिए पर खोलता है,
अकेले मत समझ सरहद पे मुझको,
मेरी वरदी में भारत बोलता है
एक इशारा भी किया तो उँगलियाँ उड़ जायेगी,
सब तेरे नाम-ओ-मज़हब की तख्तिया उड़ जायेगी,
हम वफादारे वतन है आज़मा के देख ले,
हम से उलझेगा तो तेरी धज्जिया उड़ जायेगी
हम लोग दिखाने की सियासत नहीं करते,
हो जिसमे मिलावट वो मोहब्बत नहीं करते,
एक बार लगा लेते है जिसको गले से,
ताउम्र अदावत नहीं करते
मेरी बातों में है सच्चाई,
यह झुटा मेरा उद्देश नहीं
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं,
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं
सब हिन्दू मुसलमान आपस में,
मिल मिल के गले यूं कहते है,
उस देश की क्या तारीफ करून,
जिस देश में ख्वाजा रहते है
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं,
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं
हमसे ना टकराना कोई चीन हो या जापान,
अमेरिका हो रूस या चाहे हो तुर्किस्तान,
भारत से टकराना कोई खेल नहीं आसान,
यह ख्वाजा का देश इसे कहते हैं हिंदुस्तान
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं,
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं
पहेन के रेशमी कपड़े अदाकारी नहीं करते,
हम अपनी मुफलिसी के साथ गद्दारी नहीं करते,
उठा लेते हैं वक्त आने पर अपने हाथ में नेज़े,
कभी हम जंग की पहले से तय्यारी नहीं करते
यह देश है सूफी संतों का,
वलियों के फ़ैज़ भी जारी है,
सब दुनिया भर के झंडों पर,
मेरा एक तिरंगा भारी है
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं,
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं
खुद को बेचेंगे मगर तुझको न बिकने देंगे,
हम जमाने में तेरी शान ना रुकने देंगे,
बच्चा भी कटादेंगे तेरे नाम पर हम,
जान देदेंगे तिरंगा नहीं झुकने देंगे
बाग-ऐ-जन्नत की यह तस्वीर नहीं दे सकते,
हम किसी हाल में कश्मीर नहीं दे सकते,
हम यह ना देखे के हिन्दू मुसलमान कौन है,
इसका पता लगाए के इंसान कौन है,
यूं मस्जिद-ओ-मंदिर के मसाईल में ना उलझे,
घर घर तो जाये देखे परेशान कौन है
ज़िंदगी उसने अता की मोहब्बत के लिए,
यह ना नफ़रत के लिए है न बगावत के लिए है,
जंग की गरम हवाओं से बचाओ इसको,
यह तो जन्नत है जहन्नम ना बनाओ इसको,
ज़िंदगी वो है जो माँ बाप के साँए में रहे,
ज़िंदगी वो है मोहब्बत के उजाले में रहे,
राम वाले हो तो वनवास नज़र में रखो,
करबला वाले हो तो प्यास नज़र में रखो
कव्वाली की महफ़िल सजाती है,
यहाँ भजन भी गाये जाते है,
यहाँ गली गली में वलियों के उर्स मनाए जाते है,
यहाँ दिवाली की जगमग से भारत की शान चमकती है,
यहाँ ईद में आकर दुश्मन भी दुश्मन के गले लग जाते है
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं,
मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं
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यह देश की मिट्टी, अनेकता में एकता और अटूट राष्ट्रभक्ति का वर्णन है, जिसमें बताया गया है कि भारत जैसा महान कोई देश नहीं है, जहाँ नफ़रत का जवाब सिर्फ मोहब्बत से दिया जाता है और वतन की आन-बान-शान के लिए हर नागरिक अपनी जान न्योछावर करने को तत्पर रहता है।
इन पंक्तियों का अर्थ है कि भारत सूफी-संतों और सद्भाव की भूमि है, जहाँ मंदिर-मस्जिद के विवादों से ऊपर उठकर इंसानियत को सर्वोपरि माना गया है। कवि का कहना है कि हम शांतिप्रिय लोग हैं जो कभी खुद जंग की शुरुआत नहीं करते, लेकिन अगर कोई हमारे देश या तिरंगे के सम्मान को ठेस पहुँचाने की कोशिश करेगा, तो देश का बच्चा-बच्चचा सरहद पर अपनी जान देकर भी देश की रक्षा करेगा।
| शब्द | अर्थ (Meaning) |
|---|---|
| ज़ुल्मत | अंधकार / अंधेरा (Darkness) |
| अदावत | दुश्मनी / बैर (Enmity) |
| मुफ़लिसी | गरीबी / निर्धनता (Poverty) |
| नेज़े | भाले / शस्त्र (Spears) |
| मसाईल | मसले / समस्याएँ (Issues) |
| अता की | प्रदान की / भेंट की (Gifted) |
भारत देश की महिमा पूरी दुनिया में सबसे अनूठी है क्योंकि यहाँ दीवाली की जगमगाहट और ईद का भाईचारा एक साथ देखने को मिलता है। कवि कहते हैं कि त्याग और सब्र सीखने के लिए राम का वनवास और कर्बला की प्यास हमेशा याद रखनी चाहिए। कश्मीर से लेकर देश के हर कोने तक, इस वतन की शान को बनाए रखने के लिए सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर नफ़रत को मिटाने और मोहब्बत फैलाने का संदेश देते हैं।
शायर के मुताबिक, "राम वाले" और "करबाला वाले" को देश में मोहब्बत बनाए रखने के लिए अपनी नज़र में क्या रखने को कहा गया है?