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रमज़ान का चाँद देखने की दुआ

(Prayer For Sighting The Ramadan Moon / Supplication Upon Seeing The Ramadan Crescent Moon)


रमज़ान का चाँद देखने की दुआ हिन्दी में पढ़ें और याद करे आसान अर्थ के साथ।

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रमज़ान का चाँद देखने की दुआ

Updated :08 May, 2026 03:31 PM IST

श्रेणियाँ (कटेगरीस) : रमज़ान स्पेशल

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اللَّهُمَّ أَهِلَّهُ علَيْنَا بِالأَمْنِ والإِيمَانِ وَالسَّلامَةِ والإِسْلامِ ، رَبّي ورَبُّكَ اللَّه

रमज़ान का चाँद देखने की दुआ

रमज़ान का चाँद देखने की दुआ

अर्थ:

ऐ अल्लाह! इस महीने को हमारे लिए सलामती, ईमान, अमन और अपनी इताअत से भरपूर बना। मेरा और तुम्हारा रब अल्लाह है।

अंग्रेजी में मतलब:

O Allah, make this month a blessed one for us, filled with security, faith, peace, and submission to You. My Lord and your Lord is Allah.

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Dua Explanation, Quranic Reference & Summary

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व्याख्या (Explanation)

रमज़ान का चाँद देखने की यह दुआ केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आने वाले पवित्र महीने के लिए अल्लाह से सुरक्षा और बरकत माँगने का एक ज़रिया है। इस दुआ में हम चार मुख्य चीज़ों की प्रार्थना करते हैं: सलामती (स्वास्थ्य), ईमान (दृढ़ विश्वास), अमन (शांति) और इताअत (अल्लाह की आज्ञा का पालन)। दुआ का आखिरी हिस्सा, "मेरा और तुम्हारा रब अल्लाह है," चाँद को संबोधित करते हुए कहा जाता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि चाँद भी अल्लाह की एक रचना है और वह स्वयं पूजनीय नहीं है, बल्कि उसका और हमारा मालिक सिर्फ अल्लाह है। यह दुआ एक आस्तिक के दिल में विनम्रता और इबादत के लिए नई ऊर्जा भर देती है।


क्या कुरान या हदीस में इसका कोई संदर्भ है?

यह दुआ सहीह हदीस से प्रमाणित है। इसे जामी तिर्मिज़ी (हदीस संख्या: 3451) में हज़रत तल्हा बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) से रिवायत किया गया है। अल्लाह के रसूल ﷺ जब भी नया चाँद देखते थे, तो यही दुआ पढ़ते थे। कुरान में सूरह अल-बक़रह (आयत 189) में चाँद के घटने-बढ़ने (नया चाँद) के बारे में बताया गया है कि ये लोगों के लिए वक्त और हज की निशानियाँ हैं। रमज़ान के चाँद का दिखना अल्लाह के उस हुक्म की शुरुआत है जिसमें रोज़े अनिवार्य किए गए हैं।


सारांश (Summary)

रमज़ान का चाँद देखकर यह दुआ पढ़ना नबी ﷺ की प्यारी सुन्नत है, जो हमें आध्यात्मिक तैयारी के लिए प्रेरित करती है। यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हमारी इबादत के लिए शांति और स्वास्थ्य अल्लाह की ओर से एक उपहार है। इसके ज़रिए हम आने वाले पूरे महीने को नेक कामों और अल्लाह की रज़ा में गुज़ारने का संकल्प लेते हैं। अंततः, यह दुआ एक मोमिन के लिए रमज़ान के मुकद्दस महीने की एक बरकत भरी और खूबसूरत शुरुआत है।

क्या आपने इस बार रमज़ान का चाँद देख कर यह दुआ पढ़ी थी?

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