Rukh Din Hai Ya Mehre Sama Ye Bhi Nahi Wo Bhi Nahi
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Title : Ghar Ghar Ujala Ba Tohre Ghar Se
Category : Naat Lyrics
Writer/Lyricist : Shamim Raza Faizi
Naatkhwan/Artist : Shamim Raza Faizi
Added On : 14 May, 2022 09:40 AM IST
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घर घर उजाला बा तोहरे घर से
अंगना मा आक़ा तोहरे नूर बरसे
आक़ा क़यामत की गर्मी पड़त बा
आक़ा क़यामत की गर्मी पड़त बा
धूप से सारा वदन बा जलत बा
चादर हटैईयो ना मोरे सर से
अंगना मा आक़ा तोहरे नूर बरसे
ग़ार सौर में जब बन्द भैलन सुरख़वा
डस कर के सिद्दीक़ से कहे लगल सपवा
चरन हटावा आक़ा नैना तरसे
अंगना मा आक़ा तोहरे नूर बरसे
जाईके मदीने में कहना बयरईया
अब तो बुला लो आक़ा तयबा नगरिया
अब मोरी अंखियां से सावन बरसे
अंगना मा आक़ा तोहरे नूर बरसे
घर घर उजाला बा तोहरे घर से
अंगना मा आक़ा तोहरे नूर बरसे