اندھیری رات ہے غم کی گھٹا عصیاں کی کالی ہے
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टाइटल : Mustafa Hain Lajawab
श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)
लेखक/गीतकार : असद इक़बाल कलकत्तावी
नातख्वान/कलाकार: असद इक़बाल कलकत्तावी
जोड़ा गया : 19 Mar, 2025 03:56 PM IST
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मुस्तफ़ा हैं ख़ेरुल वरा हैं,
मुस्तफ़ा हैं शमशुद दुहा हैं,
मुस्तफा हैं बदरुद दूजा हैं
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
उनसे पहले दहर में आया ना ऐसा इन्कलाब,
दे रहे हैं ये गवाही, आप का वो माहताब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
आप भी पढ़ लीजिए मुस्तफा हैं लाजवाब
कुफ्र ओ जहालत के अँधेरे छट गए ,
एक बा एक कुफ्र ओ जहालत के अँधेरे छट गए,
रोशनी से पट गए, रोशनी से पट गए,
उनके कामदों से खिले पत्थर पे रहमत के गुलाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
अपने जैसा कहने वाले से सईद सईयद-ए-अबरार को, अहमद-ए-मुख्तार को,
अब भी तोबा कर कह दे, तुझको मिल जाए सवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
हर अदा है नूर-ओ-रहमत, हर अदा क़ुरान है, आशिको की जान है,
एक उंगली ने पढाया दहेर को उम्मुल किताब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
आप हैं तालिब खुदा के, आप ही मतलूब हैं,
बिल यकीन मेहबूब है, बिल यकीन मेहबूब है,
अज़मतें बख्शी हैं रब ने आप ही को बेहिसाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
फूल से तितली ने पूछा, हम पे किसका रंग है,
जिस पे दुनिया दंग है,
फूल ने हँस कर कहा तू सुन ले अब मेरा जवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
पूछ लो सिद्दीक से, फारूक से, उस्मान से, सलमान से,
उन के दुश्मन के लिए दोज़ख़ में दहका है अज़ाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
कायनातें रंग ओ बू में, जलवा गाहे नाज़ में, मुनफ़रीद अंदाज़ में,
हुशन सरकार-ए-दो-आलम, हर जगह है कामयाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब,
मुस्तफा हैं लाजवाब, मुस्तफा हैं लाजवाब