Yeh Na Poocho Kidhar Ja Rahi Hun Aaj Main...
calendar_month08 Sep, 2023 visibility
रहमत खुदा-ऐ-पाक की लाती हैं बेटियाँ
देखो करके सफ़र जा रही हूँ आज मैं अपने घर जा रही हूं
मुमकिन नहीं नसीब हमारा सकिस्ता हो माँ मेरे लिए घर में दुआ मांग रही
माँ तो माँ है माँ का हम पर कितना बड़ा एहसान तेरी माँ न रूठे कभी तेरी माँ ना रूठे
हर एक कदम पर खुद उसकी लाज रखता है जो सर पे माँ की दुआओ का ताज रखता है
जाये तो कहाँ जाये तेरे दर के सिवा मोला
ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी