मुस्तफ़ा का प्यारा है फ़ातिमा का शहज़ादा
- 1 دن پہلے fiber_manual_record 67 بار دیکھا گیا
,
عنوان: Le Ke Sab Rehmatein Le Ke Sab Barkatein Mahe Ramzan Chala Alwida Alwida
زمرہ: نعت کے بول (لیرکس)
مصنف/گیتکار: فرحان دل مالیگاؤں
نعت خوان/ فنکار: عبدالحسیب بنارسی
شامل کیا گیا: 20 Apr, 2023 10:46 AM IST
دیکھا گیا: 393
Time to read: 3 min read
translate بول کی زبان منتخب کریں:
अलविदा ! अलविदा ! अलविदा ! अलविदा !
अलविदा ! अलविदा ! अलविदा ! अलविदा !
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
अश्क मोमिन की आँखों से बहने लगे
और दिल रो दिया, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
हम गुनहगार हैं, हम ख़ता-कार हैं
हम को मंज़ूर है, हम सज़ा-वार हैं
हम से ता'ज़ीम तेरी नहीं हो सकी
और तू चल दिया, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
जैसे रखने थे रोज़े, नहीं रख सके
हम इबादत की लज़्ज़त नहीं चख सके
मौक़ा अल्लाह ने जो दिया था हमें
हम ने वो खो दिया, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
तेरे आने से रौनक़ जहाँ में हुई
रौशनी इक ज़मीं-आसमाँ में हुई
हम को जन्नत मिलेगी तेरे फ़ैज़ से
शुक्रिया शुक्रिया, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
हम इबादत में आगे बढ़ न सके
दिल लगा कर तरावीह पढ़ न सके
हम नमाज़ों से ग़ाफ़िल रहे जान कर
जुर्म हम से हुआ, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
तेरे दम से थी इफ़्तार की ने'मतें
वक़्त-ए-सहरी थी अनवार की ने'मतें
रहमतों की घटा छाई थी हर तरफ़
हर तरफ़ नूर था, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
कितने लोगों ने क़ुरआन पूरा पढ़ा
सच्चा मोमिन तो जन्नत की सीढ़ी चढ़ा
जिस ने जितनी इबादत की अल्लाह की
उतना आगे बढ़ा, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा
हम तो मसरूफ़ दुनिया के कामों में हैं
फिर भी हम मुस्तफ़ा के ग़ुलामों में हैं
हम तो रोज़े का भी कर न पाए लिहाज़
थी हमारी ख़ता, अलविदा अलविदा
ले के सब रहमतें, ले के सब बरकतें
माहे रमज़ान चला, अलविदा अलविदा